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Written By: Anshumala | Published : January 13, 2019 5:14 PM IST
Image credits by: वर्टिगो या चक्कर आना एक विकार है। इसमें कई बार व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है कि उसके चारों ओर की सभी वस्तुएं चल रही हैं। © Shutterstock.
वर्टिगो या चक्कर आना एक विकार है। इसमें कई बार व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है कि उसके चारों ओर की सभी वस्तुएं चल रही हैं। यह एक प्रकार का विकार है जो आंतरिक कान में समस्याओं के कारण होता है। आंतरिक कान में कोई भी समस्या ठंड, फ्लू जैसे वायरल संक्रमण का कारण यह हो सकता है। इस समस्या से निजात कुछ योग का नियमित अभ्यास करके भी पाया जा सकता है।
अनुलोम विलोम
यह योग मुद्रा शरीर में ब्लड सर्कुलेशन में मदद करता है। तंत्रिका तंत्र को मजबूत करता है। गहरी सांस लेने का व्यायाम ऑक्सीजन की आपूर्ति के साथ रक्त को बढ़ाता है और नसों को खोलता है। इसके अलावा अनुलोम विलोम तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
पश्चिमोत्तानासन सिर का चक्कर दूर करने में यह फायदेमंद पाया गया है। © Shutterstock.
पश्चिमोत्तानासन
यह योग अभ्यास तनाव, चिंता, और थकान को रिलीज करता है। सिर का चक्कर दूर करने में यह फायदेमंद पाया गया है। इसके अलावा पश्चिमोत्तानासन तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।
शवासन
शवासन सिर के चक्कर के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। यह आसन आराम की गहन और ध्यान देने वाली अवस्था लेकर आती है, जो तनाव मुक्त करने और तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने में सहायता करती है।
हलासन
यह मुद्रा मांसपेशियों, गर्दन, कंधों को मजबूत करने में मदद करता है। यह तंत्रिका तंत्र को आराम और मजबूत करने में सहायता करता है और वर्टिगो या सिर के चक्कर आने से निपटने में भी सहायता कर सकता है। इसके अलावा हलासन कंधे और गर्दन को मजबूत कर सकता है।
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