
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : August 26, 2022 5:01 PM IST
कपोतासन एक विशेष योगासन है, जिसकी मदद से कूल्हों के जोड़ों को लचीला बनाया जा सकता है और साथ ही पीठ के निचले हिस्से की समस्याओं को दूर किया जा सकता है। कपोतासन संस्कृत के दो शब्दों “कपोत” (कबूतर और “मुद्रा” (आसन) से मिलकर बना है और अंग्रेजी में इसे पिजन पोज (Pigeon Pose) कहा जाता है। कपोतासन एक सरल श्रेणी की योग मुद्रा है, जिसका मतलब है कि शुरूआती अभ्यासकर्ता भी इसे कर सकते हैं। इस योग मुद्रा को कई शारीरिक व मानसिक लाभ मिलते हैं। हालांकि, इससे सही लाभ प्राप्त करने के लिए इसे सही तकनीक के साथ किया जाना चाहिए। अगर आप इस योग मुद्रा को ठीक से नहीं कर पा रहे हैं, तो आप किसी अनुभवी योग प्रशिक्षक से मदद ले सकते हैं।
यदि सही तरीके के साथ कपोतासन अभ्यास किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं, जिनमें मुख्य रूप से निम्न शामिल हैं -
कूल्हों के जोड़ों को लचीला बनाने के लिए कपोतासन अभ्यास करना जरूरी है। जिन लोगों को कूल्हों में दर्द रहता है, उनके लिए यह योगासन काफी लाभदायक हो सकता है।
जिन लोगों को पीठ में दर्द है उनके लिए भी कपोतासन काफी लाभदायक है। सही तरीके से यह योगासन करने से पीठ की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है, जिससे दर्द व अन्य समस्याएं होने का खतरा कम हो जाता है।
कपोतासन पेट में मौजूद अंगों को उत्तेजित करता है, जिससे वे सक्रिय रूप से काम करने लगते हैं और पाचन व कब्ज जैसी समस्याएं ठीक हो जाती हैं।
रोजाना सही तरीके के साथ कपोतासन अभ्यास करने से मानसिक संतुलन में सुधार होता है, जिससे चिंता, तनाव व अन्य समस्याएं ठीक होने लगती हैं।
कपोतासन से जांघ की मांसपेशियों को पर्याप्त खिंचाव मिलता है, जिससे ऐंठन व मरोड़ जैसी समस्याएं होने का खतरा कम हो जाता है।
यदि आप पहली बार कपोतासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरणों का पालन करके आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -
Step 1 - सबसे पहले सपाट फर्श पर मैट या कंबल बिछा लें और उस पर अधो मुख श्वानासन मुद्रा बना लें
Step 2 - इसके बाद दाएं घुटने को मोड़ते हुए आगे लाएं और साथ ही पैर को मोड़ते हुए दाईं तरफ ले जाएं
Step 3 - इस दौरान बाएं पैर के घुटनों को सीधा कर लें और पैर के पंजे पर शरीर का वजन बढ़ाते रहें
Step 4 - आपके दाएं पैर की पिंडली फर्श पर रखी जानी चाहिए और आपके बाएं पैर के पास होना चाहिए
Step 5 - इस दौरान आपके नितंब जमीन पर स्पर्श हो जाने चाहिए और यदि नहीं हो रहे हैं, तो बलपूर्वक कोशिश न करें
Step 6 - बाएं टांग को पीछे सीधी करके रखें और ऐड़ी ऊपर व पैर का ऊपरी सिरा जमीन पर स्पर्श होना चाहिए
Step 7 - दोनों हाथों को अपने कंधों के ठीक नीचे रखें और गर्दन व कमर को सीधा करें
हालांकि, कपोतासन की योग मुद्रा में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं, जो अभ्यासकर्ता के अनुभव व उसकी शारीरिक लचीलता पर निर्भर करता है।
कपोतासन को बलपूर्वक नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से मांसपेशियों में असाधारण रूप से खिंचाव आ सकता है। साथ ही इस दौरान कमर व गर्दन सीधी रखनी भी जरूरी है, क्योंकि ऐसा न करने से पीठ में दर्द हो सकता है। इसके अलावा पिछली टांग को सीधा रखना और दोनों कूल्हों की हड्डियों को बराबर रखना भी जरूरी है।
यदि आपको निम्न स्वास्थ्य समस्याएं हैं, तो कपोतासन करने से पहले डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए -