Lolasana Aka Pendant Pose Benefits- लोलासन के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

लोलासन (Pendant pose) के फायदे व नुकसान- लोलासन एक खास योग मुद्रा है, जो प्रमुख रूप से बांह, कंधे और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने का काम करता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : May 10, 2022 5:39 PM IST

लोलासन एक प्राचीन योग मुद्रा है, जिसका अभ्यास आज दुनियाभर में किया जाता है। यह एक मध्यम श्रेणी की योग मुद्रा है, जिसे करने के लिए बल व संतुलन दोनों की आवश्यकता होती है। इस योग मुद्रा में शरीर का सारा वजन दोनों हाथों पर डाला जाता है और इस दौरान शरीर का संतुलन एकदम सटीक रखना पड़ता है। लोलासन को अंग्रेजी में “पेंडेंट पॉज” (Pendant pose) के नाम से जाना जाता है। यदि इस योग मुद्रा को सही तकनीक के साथ किया जाए तो इससे कंधे, पेट व शरीर की अन्य कई मांसपेशियों को मजबूत बनाया जा सकता है।

लोलासन के फायदे (Benefits of Pendant pose)

यदि लोलासन योग मुद्रा को सही तकनीक के साथ और विशेष बातों का ध्यान रखते हुए किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -

1. मांसपेशियों को मजबूत करे लोलासन

इसमें कंधे, बांह, सीने और पेट की मांसपेशियों में आवश्यक खिंचाव आने लगता है और मांसपेशियां मजबूत बनने लगती हैं।

2. शरीर का संतुलन बनाए लोलासन

नियमित रूप से लोलासन अभ्यास करने से शरीर की मूल मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शरीर का संतुलन अच्छा होता है।

3. लोलासन करे पाचन क्रिया को तेज

इस योग मुद्रा के दौरान पेट के अंदरूनी अंगों में खिंचाव होने लगता है, जिससे पाचन क्रिया तेज हो जाती है।

4. मूड अच्छा करने में मदद करता है लोलासन

लोलासन से शारीरिक ही नहीं मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। नियमित रूप से लोलासन अभ्यास करने से चिंता, तनाव व डिप्रेशन जैसे लक्षण होने लगते हैं और मूड अच्छा रहता है।

हालांकि, लोलासन से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ प्रमुख रूप से योगासन के तरीके और अभ्यासकर्ता की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।

लोलासन करने का तरीका (Steps to do Pendant pose)

यदि आप पहली बार लोलासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरणों का पालन करके आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -

  • सबसे पहले सपाट जमीन पर मैट बिछा लें और पद्मासन योग मुद्रा में बैठ जाएं
  • दोनों हथेलियों को जांघों के बगल में जमीन पर रखें
  • धीरे-धीरे हथेलियों पर वजन डालना शुरू करें
  • संतुलन बनाए रखने के लिए हल्का सा आगे झुकें
  • कूल्हे हवा में उठने के बाद शरीर को आगे-पीछे झुलाने की कोशिश करें

इस योग क्रिया को अपनी क्षमता के अनुसार अवधि तक करें और फिर धीरे-धीरे सामान्य मुद्रा में आ जाएं। यदि आपको लोलासन से संबंधित कोई भी सवाल है, तो किसी अनुभवी योग प्रशिक्षक से संपर्क करें।

लोलासन के दौरान सावधानियां (Precautions during Pendant pose)

लोलासन अभ्यास आमतौर पर योग प्रशिक्षक के निगरानी में ही किया जाता है और इस दौरान निम्न सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं -

  • सबसे पहले वार्मअप कर लें
  • शरीर को किसी प्रकार का झटका न लगने दें
  • कोई भी क्रिया बलपूर्वक करने की कोशिश न करें
  • हथेलियों पर वजन बढ़ाते समय संतुलन बनाकर रखें

लोलासन कब न करें (When not to do Pendant pose)

कुछ स्वास्थ्य स्थितियां हैं जिनके दौरान लोलासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से अनुमति ले लेनी चाहिए -

  • गंभीर दर्द या किसी प्रकार की चोट लगी होना
  • वृद्धावस्था या कमजोरी
  • सांस या हृदय संबंधी रोग
  • मासिक धर्म या गर्भावस्था
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