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जानें पद्मासन करने की विधि और उसके सेहत पर होने वाले लाभ

जिन लड़कियों को पीरियड्स के दौरान दर्द अधिक होता है, उन्हें इस आसन को करने से पीरियड्स से संबंधित समस्याएं नहीं रहती हैं।

जानें पद्मासन करने की विधि और उसके सेहत पर होने वाले लाभ
घुटनों के दर्द व सूजन से परेशान लोगों को पद्मासन नहीं करना चाहिए। © Shutterstock

Written by Anshumala |Published : September 10, 2018 8:56 PM IST

पद्मासन को “कमलासन’ के नाम से भी जाना जाता है। ध्यान एवं जाप के लिए इस आसन का मुख्य स्थान होता है। यह आसन पुरुषों और स्त्रियों दोनों के लिए ही अनुकूल माना गया है। पद्मासन करने के सेहत पर कई लाभ होते हैं।

कैसे करें पद्मासन

सबसे पहले जमीन पर दोनों पैर फैला कर सीधे बैठ जाएं। फिर दायां पैर बाएं पैर की जांघ पर और बायां पैर दाएं पैर की जांघ पर रखें। आपको जिस भी पैर को पहले रखने में आसानी महसूस हो, उसे पहले रख सकते हैं। अब दोनों हाथों के अंगूठे को तर्जनियों के साथ मिलाकर बायां हाथ बाएं पैर के घुटने पर और दायां हाथ दाएं पैर के घुटने पर रखें। याद रहे की हथेलियां ऊपर की ओर हों। मेरुदंड और मस्तक सीधी रेखा में रखें। आंखों को बंद या खुली रखें। शुरूआत में यह आसन एक से दो मिनट तक करें। फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाते जाएं।

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पद्मासन के लाभ

इसके नियमित अभ्यास से अंत: स्रावी ग्रंथियां (endocrine glands) की कार्यक्षमता बढ़ती है।

दमा, अनिद्रा तथा हिस्टीरिया जैसे रोग दूर करने में सहायक होता है।

अनिद्रा के रोगियों के लिए तो यह आसन बहुत प्रभावकारी होता है।

शरीर की स्थूलता और मोटापा कम करने में भी सहायक होता है।

इस आसन के अभ्यास से जठराग्नि (पाचन तन्त्र) तीव्र बनती है और भूख भी बढ़ती है।

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे शरीर को लंबे समय तक स्थिर रखा जा सकता है।

शरीर और मस्तिष्क नियंत्रित में रहते हैं।

इसके अभ्यास से दिमाग तेज होता है और एकाग्रता बढ़ती है।

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जिन लड़कियों को पीरियड्स के दौरान दर्द अधिक होता है, उन्हें इस आसन को करने से पीरियड्स से संबंधित समस्याएं नहीं रहती हैं।

नियमित रूप से जो लोग इसे करते हैं, वह तनाव से छुटकारा पा सकते हैं।

यह न केवल मेडिटेशन का कारगर तरीका है, बल्कि इससे उच्च रक्तचाप नियंत्रण में रहता है।

बरतें सावधानी

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साइटिका या फिर रीढ़ के नीचले भाग के आसपास किसी प्रकार की गड़बड़ी से पीड़ित व्यक्तियों को यह आसन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा जो लोग घुटनों के दर्द व सूजन से परेशान हों, उन्हें भी यह आसन नहीं करना चाहिए।

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