
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 5, 2022 7:56 PM IST
पाशासन खास योग मुद्रा है, जो शरीर की कई महत्वपूर्ण मांसपेशियों को आवश्यक लाभ पहुंचाता है। यह एक मध्यम श्रेणी की योग प्रक्रिया है हालांकि, इसका अभ्यास करने के लिए शरीर में पर्याप्त लचीलापन होना जरूरी है। जिन लोगों को शरीर में जकड़न या फिर पर्याप्त खिंचाव नहीं है उनके लिए यह योगाभ्यास करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। पाशासन योग मुद्रा सही तकनीक के साथ करने से इससे पीठ, कंधे और जांघ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। पाशासन को अंग्रेजी में नूज पॉज (Noose pose) के नाम से भी जाना जाता है।
यदि पाशासन योग मुद्रा को सही तकनीक के साथ और विशेष बातों का ध्यान रखते हुए किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -
पाशासन शरीर के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में खिंचाव लाता है, जिससे वहां की मांसपेशियां सिर्फ लचीली ही नहीं बल्कि इससे मजबूती भी बढ़ती है।
नियमित रूप से पाशासन योगाभ्यास करने से शरीर की मूल मांसपेशियां (Core muscles) मजबूत होने लगती हैं जिससे शारीरिक मुद्रा में भी सुधार होता है।
पाशासन योग क्रिया के दौरान पेट के अंदरूनी हिस्सों में खिंचाव आता है, जिससे पेट के अंग उत्तेजित होने लगते हैं और पाचन क्रिया तेजी से काम करने लगती है।
सही तकनीक के साथ पाशासन अभ्यास करने से मानसिक तनाव व चिंता जैसी समस्याएं दूर होने लगती हैं, जिससे मानसिक शांति मिलती है और मूड भी अच्छा होता है।
हालांकि, पाशासन से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ पूरी तरह से योगासन के तरीके और आपकी स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।
यदि आप पहली बार पाशासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरणों का पालन करके आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -
इस योग क्रिया को आप अपनी क्षमता के अनुसार अवधि तक कर सकते हैं और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं। यदि आपको इससे संबंधित कोई भी सवाल है, तो किसी अच्छे योग प्रशिक्षक से संपर्क करें।
पाशासन अभ्यास आमतौर पर योग प्रशिक्षक के निगरानी में ही किया जाता है और इस दौरान निम्न सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं -
कुछ स्वास्थ्य स्थितियां हैं जिनके दौरान पाशासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से अनुमति ले लेनी चाहिए -