Pasasana Aka Noose pose Benefits- पाशासन के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

पाशासन (Noose pose) के फायदे व नुकसान- पाशासन एक प्राचीन योग मुद्रा है, जिसकी मदद से शरीर के कई हिस्सों की जकड़न को दूर करके उस हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत बनाया जा सकता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : May 5, 2022 7:56 PM IST

पाशासन खास योग मुद्रा है, जो शरीर की कई महत्वपूर्ण मांसपेशियों को आवश्यक लाभ पहुंचाता है। यह एक मध्यम श्रेणी की योग प्रक्रिया है हालांकि, इसका अभ्यास करने के लिए शरीर में पर्याप्त लचीलापन होना जरूरी है। जिन लोगों को शरीर में जकड़न या फिर पर्याप्त खिंचाव नहीं है उनके लिए यह योगाभ्यास करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। पाशासन योग मुद्रा सही तकनीक के साथ करने से इससे पीठ, कंधे और जांघ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। पाशासन को अंग्रेजी में नूज पॉज (Noose pose) के नाम से भी जाना जाता है।

पाशासन के फायदे (Benefits of Noose pose)

यदि पाशासन योग मुद्रा को सही तकनीक के साथ और विशेष बातों का ध्यान रखते हुए किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -

1. पाशासन बनाए मांसपेशियों को मजबूत व लचीला

पाशासन शरीर के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में खिंचाव लाता है, जिससे वहां की मांसपेशियां सिर्फ लचीली ही नहीं बल्कि इससे मजबूती भी बढ़ती है।

2. शरीर के पोस्चर में सुधार करे पाशासन

नियमित रूप से पाशासन योगाभ्यास करने से शरीर की मूल मांसपेशियां (Core muscles) मजबूत होने लगती हैं जिससे शारीरिक मुद्रा में भी सुधार होता है।

3. पाशासन से करें पाचन क्रिया को तेज

पाशासन योग क्रिया के दौरान पेट के अंदरूनी हिस्सों में खिंचाव आता है, जिससे पेट के अंग उत्तेजित होने लगते हैं और पाचन क्रिया तेजी से काम करने लगती है।

4. मानसिक शांति को बढ़ाने में मदद करता है पाशासन

सही तकनीक के साथ पाशासन अभ्यास करने से मानसिक तनाव व चिंता जैसी समस्याएं दूर होने लगती हैं, जिससे मानसिक शांति मिलती है और मूड भी अच्छा होता है।

हालांकि, पाशासन से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ पूरी तरह से योगासन के तरीके और आपकी स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।

पाशासन करने का तरीका (Steps to do Noose pose)

यदि आप पहली बार पाशासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरणों का पालन करके आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -

  • Step 1 - सबसे पहले सपाट जमीन पर मैट बिछाकर उसपर घुटने मोड़कर (उकड़ू) बैठ जाएं
  • Step 1 -बाएं हाथ को उठाकर दाएं घुटने के बाहरी हिस्से पर रख लें और इस दौरान आपके ट्राइसेप्स घुटने पर टिके होने चाहिए
  • Step 1 -अब धीरे से शरीर को दाईं तरफ मोड़े और बाएं हाथ को घुमा लें जिससे कोहनी ऊपर की तरफ आ जाए
  • Step 1 -कोहनी ऊपर आने के बाद आप हाथ को मोड़ कर वापस बाई पैर के टखने तक ले जाने में सक्षम हो पाएंगे
  • Step 1 -अब दाएं हाथ को कमर के पीछे से लेकर जाएं और बाएं हाथ की कलाई को पकड़ लें

इस योग क्रिया को आप अपनी क्षमता के अनुसार अवधि तक कर सकते हैं और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं। यदि आपको इससे संबंधित कोई भी सवाल है, तो किसी अच्छे योग प्रशिक्षक से संपर्क करें।

पाशासन के दौरान सावधानियां (Precautions during Noose pose)

पाशासन अभ्यास आमतौर पर योग प्रशिक्षक के निगरानी में ही किया जाता है और इस दौरान निम्न सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं -

  • योग क्रिया शुरू करने से पहले अच्छे से वार्मअप कर लें
  • शरीर में सिर्फ इतना ही खिंचाव आने दे जितना संभव हो
  • किसी प्रकार का झटका न लगने दें
  • यदि टांग गर्दन पर नहीं जा रही है तो बलपूर्वक ऐसा करने की कोशिश न करें
  • पूरा ध्यान योग मुद्रा पर रखें ताकि आपको संतुलन बनाए रखने में कोई दिक्कत न हो

पाशासन कब न करें (When not to do Noose pose)

कुछ स्वास्थ्य स्थितियां हैं जिनके दौरान पाशासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से अनुमति ले लेनी चाहिए -

  • शरीर के किसी हिस्से में दर्द या गंभीर चोट लगी होना
  • हाई या लो बीपी
  • सांस या हृदय संबंधी रोग होना
  • वृद्धावस्था या विकलांगता (जिससे शारीरिक संतुलन बनाने में दिक्कत हो रही हो)
  • मासिक धर्म या गर्भावस्था
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