Parsvottanasana Aka Pyramid Pose Benefits- पर्श्वोत्तनासन के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

पर्श्वोत्तनासन (Pyramid Pose) के फायदे व नुकसान- पर्श्वोत्तनासन एक खास योग मुद्रा है, जिसका अभ्यास प्राचीन काल से ही स्वास्थ्य को संतुलित रखने के लिए किया जा रहा है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : May 5, 2022 8:13 PM IST

अन्य योगासनों की तरह पर्श्वोत्तनासन का जन्म भी प्राचीन भारत में हुआ और आज दुनियाभर में इसका अभ्यास किया जाता है। पर्श्वोत्तनासन प्रमुख रूप से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन लाता है और साथ ही कूल्हों के जोड़ों की जकड़न को दूर करता है। यह एक मध्यम श्रेणी की योग मुद्रा है और योग प्रशिक्षक की मदद से इसे शुरुआती अभ्यासकर्ता भी कर सकते हैं। पर्श्वोत्तनासन में शरीर की आकृति एक पिरामिड की तरह बन जाती है और इसलिए अंग्रेजी में इसे “पिरामिड पॉज” के नाम से जाना जाता है।

पर्श्वोत्तनासन के फायदे (Benefits of Pyramid Pose)

यदि पर्श्वोत्तनासन योग मुद्रा को सही तकनीक के साथ और विशेष बातों का ध्यान रखते हुए किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -

1. पीठ दर्द को दूर करने में मदद करता है पर्श्वोत्तनासन

पर्श्वोत्तनासन को सही तकनीक के साथ करने से इससे पीठ की जकड़न कम होने लगती है और पीठ में दर्द से छुटकारा मिल जाता है।

2. पर्श्वोत्तनासन से बनाएं रीढ़ की हड्डी को लचीला

पर्श्वोत्तनासन के योगाभ्यास के दौरान रीढ़ की हड्डी में काफी महत्वपूर्ण मोड़ आते हैं, जिससे लचीलापन बढ़ता है।

3. जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाए पर्श्वोत्तनासन

पर्श्वोत्तनासन से हैम्स्ट्रिंग समेत जांघों में मौजूद अन्य मांसपेशियों की एक्सरसाइज होने लगती है और समय के साथ-साथ वे मजबूत बन जाती हैं।

4. पर्श्वोत्तनासन से करें मानसिक स्वास्थ्य में सुधार

नियमित रूप से पर्श्वोत्तनासन अभ्यास करने से मानसिक रूप से शांति मिलती है और डिप्रेशन, तनाव व चिंता जैसे लक्षणों से छुटकारा मिलता है।

हालांकि, पर्श्वोत्तनासन से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ प्रमुख रूप से योगासन के तरीके और अभ्यासकर्ता की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।

पर्श्वोत्तनासन करने का तरीका (Steps to do Pyramid Pose)

यदि आप पहली बार पर्श्वोत्तनासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरणों का पालन करके आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -

  • Step 1 - सबसे पहले सपाट जमीन पर मैट बिछाकर ताड़ासन मुद्रा में खड़े हो जाएं
  • Step 2 - बाएं पैर को दाएं पैर से पीछे ले जाकर कम से कम दो फीट की दूरी पर रखें
  • Step 3 - दोनों हाथों को ऊपर करें और धीरे-धीरे आगे की तरफ झुकना शुरू करें
  • Step 4 - इस दौरान कमर सीधी रखें और शरीर को कूल्हे के जोड़ से मोड़ दें
  • Step 5 - आगे झुकते समय हाथों को भी आगे लाना शुरू कर दें
  • Step 6 - जब आपका चेहरा दाएं घुटने के करीब आ जाता है तो हथेलियों को दाएं पैर पर रख लें
  • Step 7 - आप चाहें तो हाथों को कमर के पीछे हाथ जोड़ने की मुद्रा में भी ला सकते हैं।

इस योग मुद्रा को अपनी क्षमता के अनुसार अवधि तक रखें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं। यदि आपको पर्श्वोत्तनासन मुद्रा से संबंधित कोई भी सवाल है, तो किसी अच्छे योग प्रशिक्षक से संपर्क करें।

पर्श्वोत्तनासन के दौरान सावधानियां (Precautions during Pyramid Pose)

पर्श्वोत्तनासन अभ्यास आमतौर पर योग प्रशिक्षक के निगरानी में ही किया जाता है और इस दौरान निम्न सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं -

  • सबसे पहले अच्छे से वार्मअप व स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें
  • योगाभ्यास शुरू करने से ठीक पहले कुछ भी खाएं या पिएं नहीं
  • कोई भी क्रिया बलपूर्वक न करें और न ही शरीर में कोई झटका लगने दें
  • इस दौरान पूरा ध्यान योग मुद्रा पर ही केंद्रित रखें

कब न करें (When not to do Pyramid Pose)

कुछ स्वास्थ्य स्थितियां हैं जिनके दौरान पर्श्वोत्तनासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से अनुमति ले लेनी चाहिए -

  • शरीर के किसी हिस्से में गंभीर दर्द या चोट लगी होना
  • सिर चकराना या कमजोरी महसूस होना
  • बीमार या वृद्धावस्था
  • हाई या लो बीपी
  • सांस या हृदय संबंधी कोई रोग होना
  • गर्भावस्था या मासिक धर्म
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