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Written By: Anshumala | Published : October 5, 2018 2:13 PM IST
मंडूकासन नियमित रूप से करने से डायबिटीज कंट्रोल में रहता है। © Shutterstock
डायबिटीज आज भारत में बहुत तेजी से लोगों को प्रभावित कर रहा है। जैसा की सभी जानते हैं, इस बीमारी में ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ जाता है। शुगर शरीर की कोशिकाओं को मजबूती देते हैं। ये हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। डायबिटीज होने पर सेल्स ग्लूकोज को एब्जॉर्ब नहीं कर पाते हैं और शुगर ब्लड में घुलने लगती है, जिससे अंगों के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। योगासन डायबिटीज को कंट्रोल करने में आपकी मदद कर सकते हैं। अगर आप नियमित रूप से योग करते हैं, तो इससे शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ती है, जिससे ग्लूकोज के ब्लड में घुलने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
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यदि आप योगासन के जरिए डायबिटीज को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो मंडूकासन इसके लिए रामबाण इलाज है। जब हम मंडूकासन करते हैं, तो शरीर की आकृति मेंढक जैसी हो जाती है इसलिए इस आसन का नाम मंडूकासन पड़ा है।
कैसे करें मंडूकासन
सबसे पहले वज्रासन में बैठ जाएं। अब दोनों हाथों की मुठ्ठी बंद कर लें। मुठ्ठी बंद करते समय अंगूठे को उंगुलियों से अंदर दबाएं। दोनों मुठ्ठियों को नाभि के दोनों ओर लगाकर सांस बाहर निकालते हुए सामने झुकते हुए ठुड्डी को जमीन पर टिका दें। थोड़ी देर इसी स्थिति में रहने के बाद वापस वज्रासन में आ जाए। आसन करते वक्त ध्यान रखें की दोनों हाथों की मुट्ठियां अच्छी तरह से नाभि के आस-पास टिकी हो। उच्च रक्तचाप करना है नॉर्मल, तो करें ”हाइपरटेंशन मुद्रा”
कितनी बार करें
इस आसन को 4-5 बार कर सकते हैं। इसका अभ्यास नियमित करने से काफी हद तक आप टायबिटीज को कंट्रोल कर सकते हैं।
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इसके अन्य फायदे
- पेट के लिए लाभदायक है। इससे अग्नयाशय सक्रिय होता है, जिससे डायबिटीज के रोगियों को इससे लाभ मिलता है।
- मांसपेशियां मजबूत होती हैं, पेट की चर्बी घटती है।
- शरीर के भीतरी अंगो में लचीलापन लाता है।
- शरीर और दिमाग शांत होता है।
- इसे करने से घुटनों और पैरों की मांसपेशियां स्ट्रेच होती हैं।
- रीढ़ को आराम मिलता है। पीठ दर्द या पीठ संबंधी परेशानियों से निजात दिलाता है।
- उदर और हृदय रोग में भी लाभदायक है।
- ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।
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किन्हें नहीं करना चाहिए
- अगर आपको पेट या आंतों से संबंधित कोई गंभीर समस्या है, तो मंडूकासन का अभ्यास न करें।
- स्लिप डिस्क और ऑस्टियोपोरोसिस के मरीज डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका अभ्यास करें।