Utthan Pristhasana Aka Lizard pose Benefits- उत्थान पृष्ठासन के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

उत्थान पृष्ठासन (Lizard pose) के फायदे और नुकसान- उत्थान पृष्ठासन एक खास योग मुद्रा है, जो अभ्यासकर्ता को कई शारीरिक व मानसिक लाभ प्रदान करता है।

WrittenBy

Written By: Mukesh Sharma | Published : May 16, 2022 1:18 PM IST

उत्थान पृष्ठासन को कूल्हों की मांसपेशियों के लिए सर्वश्रेष्ठ योगासनों में से एक माना जाता है। यह एक मध्यम स्तर का योगासन है और नए अभ्यासकर्ताओं के लिए यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उत्थान पृष्ठासन को अंग्रेजी में “लिजर्ड पोज” (Lizard pose) कहा जाता है।

उत्थान पृष्ठासन के लाभ (Benefits of Lizard pose)

यदि उत्थान पृष्ठासन को सही तकनीक के साथ और विशेष बातों का ध्यान रखते हुए किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -

1. कूल्हों में खिंचाव उत्थान पृष्ठासन

इस योगासन को कूल्हों संबंधी समस्याओं के लिए रामबाण माना गया है। यह कूल्हों को पर्याप्त खिंचाव प्रदान करता है, जिससे मांसपेशियों में जकड़न व दर्द कम हो जाता है।

2. जांघों को मजबूत बनाए उत्थान पृष्ठासन

जिन लोगों को टांगों में ऐंठन पड़ने की समस्या है, उनके लिए उत्थान पृष्ठासन एक लाभदायक योगासन है। रोजाना यह योगाभ्यास करने से जांघों की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं।

3. उत्थान पृष्ठासन बनाए रीढ़ की हड्डी को लचीला

रीढ़ की हड्डियों में लचीलापन लाने में भी उत्थान पृष्ठासन काफी लाभदायक हो सकता है, इससे पीठ में दर्द, जकड़न व अन्य समस्याओं को दूर किया जा सकता है।

4. मानसिक शांति प्रदान करे उत्थान पृष्ठासन

यह न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार करता है, इससे मानसिक स्थिति को भी काफी लाभ मिलता है। रोजाना उत्थान पृष्ठासन अभ्यास करने से मूड अच्छा रहता है और अनिद्रा जैसी समस्याएं भी ठीक हो जाती हैं।

हालांकि, उत्थान पृष्ठासन अभ्यास से प्राप्त होने वाले लाभ हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं और साथ ही योगासन को कैसे किया जा रहा है, इस पर भी निर्भर करते हैं।

उत्थान पृष्ठासन करने का तरीका (Steps to do Lizard pose)

यदि आप पहली बार उत्थान पृष्ठासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरणों से आपको यह योग मुद्रा अपनाने में मदद मिल सकती है -

  • Step 1 - सपाट जमीन पर मैट बिछा लें और उसपर अधोमुख शवासन योग मुद्रा बना लें
  • Step 2 - हाथों पर जमीन का वजन बढ़ाते हुए कूल्हों को थोड़ा नीचे लाएं और मुंह को सामने की तरफ करें
  • Step 3 - दाएं घुटने को मोड़ते हुए आगे की तरफ ले आएं और पैर को कूल्हे के ठीक नीचे रखें
  • Step 4 - अब हाथों को आगे ले जाते हुए कोहनियों को जमीन पर रख लें, जिससे आपका दायां घुटना छाती के बराबर आ जाएगा

इस योग मुद्रा को बनाकर आप 5 से 10 गहरी सांस ले सकते हैं और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं। यदि आपको इस योगासन से संबंधित कोई भी सवाल है, तो किसी अनुभवी योग प्रशिक्षक से बात करें।

उत्थान पृष्ठासन में सावधानी (Precautions during Lizard pose)

उत्थान पृष्ठासन योगासन का अभ्यास करते समय निम्न बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है -

  • कूल्हों में बलपूर्वक खिंचाव लाने की कोशिश न करें
  • गर्दन पर जोर न पड़ने दें
  • दोनों हाथों को समांतर व कंधों के ठीक नीचे रखें
  • कोई भी क्रिया बलपूर्वक करने की कोशिश न करें

उत्थान पृष्ठासन कब न करें (When not to do Lizard pose)

यदि आपको स्वास्थ्य संबंधी निम्न समस्या है, तो उत्थान पृष्ठासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए -

  • शरीर के किसी हिस्से में गंभीर दर्द या चोट लगी होना
  • थकावट या कमजोरी महसूस होना
  • मासिक धर्म या गर्भावस्था
  • सांस या हृदय संबंधी रोग
Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source