
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 16, 2022 1:18 PM IST
उत्थान पृष्ठासन को कूल्हों की मांसपेशियों के लिए सर्वश्रेष्ठ योगासनों में से एक माना जाता है। यह एक मध्यम स्तर का योगासन है और नए अभ्यासकर्ताओं के लिए यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उत्थान पृष्ठासन को अंग्रेजी में “लिजर्ड पोज” (Lizard pose) कहा जाता है।
यदि उत्थान पृष्ठासन को सही तकनीक के साथ और विशेष बातों का ध्यान रखते हुए किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -
इस योगासन को कूल्हों संबंधी समस्याओं के लिए रामबाण माना गया है। यह कूल्हों को पर्याप्त खिंचाव प्रदान करता है, जिससे मांसपेशियों में जकड़न व दर्द कम हो जाता है।
जिन लोगों को टांगों में ऐंठन पड़ने की समस्या है, उनके लिए उत्थान पृष्ठासन एक लाभदायक योगासन है। रोजाना यह योगाभ्यास करने से जांघों की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं।
रीढ़ की हड्डियों में लचीलापन लाने में भी उत्थान पृष्ठासन काफी लाभदायक हो सकता है, इससे पीठ में दर्द, जकड़न व अन्य समस्याओं को दूर किया जा सकता है।
यह न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार करता है, इससे मानसिक स्थिति को भी काफी लाभ मिलता है। रोजाना उत्थान पृष्ठासन अभ्यास करने से मूड अच्छा रहता है और अनिद्रा जैसी समस्याएं भी ठीक हो जाती हैं।
हालांकि, उत्थान पृष्ठासन अभ्यास से प्राप्त होने वाले लाभ हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं और साथ ही योगासन को कैसे किया जा रहा है, इस पर भी निर्भर करते हैं।
यदि आप पहली बार उत्थान पृष्ठासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरणों से आपको यह योग मुद्रा अपनाने में मदद मिल सकती है -
इस योग मुद्रा को बनाकर आप 5 से 10 गहरी सांस ले सकते हैं और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं। यदि आपको इस योगासन से संबंधित कोई भी सवाल है, तो किसी अनुभवी योग प्रशिक्षक से बात करें।
उत्थान पृष्ठासन योगासन का अभ्यास करते समय निम्न बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है -
यदि आपको स्वास्थ्य संबंधी निम्न समस्या है, तो उत्थान पृष्ठासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए -