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Written By: Anshumala | Updated : June 20, 2019 6:38 PM IST
सेतु बंधासन के सेहत लाभ। © Shutterstock.
‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस” (International Yoga Day) में अब बस दो दिन ही शेष रह गए हैं। हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) देश-दुनिया में मनाया जाता है। योग लंबी उम्र तक स्वस्थ रहने का सबसे आसान जरिया है। इसके महत्व को बताते हुए आज प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सेतुबंधासन का एनिमेटेड वीडियो अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। आप भी इसका नियमित अभ्यास कर खुद को कई रोगों से बचाए रख सकते हैं। जानें क्या है सेतुबंधासन, इसे करने की विधि और इसके सेहत लाभ के बारे में...
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सेतुबंधासन को पुल मुद्रा भी कहते हैं। इसे करने से सेहत के कई रोग दूर होते हैं। रक्त का संचार और तनाव से राहत मिलती है। सेतुबंधासन भी योग का ऐसा आसन है, जो पूरे शरीर को प्रभावित करता है। यह लीवर को मजबूत बनाता है, पैंक्रियाज की समस्याओं को दूर करता है और कमरदर्द की समस्या को जड़ से खत्म करता है।
सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं। दोनों बाजू सीधे हों। इन्हें शरीर के बगल में रखें। हथेली को जमीन से सटाकर रखें। दोनों पैरों के घुटने मोड़ें ताकि पैर के तलवे जमीन से लग जाएं। यह सेतुबंधासन की प्रारंभिक स्थिति है। इसके बाद सांस भरें, कुछ पल के लिए सांस रोकें और धीरे-धीरे कमर को जमीन से ऊपर उठाएं। कमर को इतना ऊपर उठाएं कि छाती, ठुड्डी को छूने लगे। साथ ही बाजुओं को कोहनी से मोड़ें और हथेलियों को कमर से नीचे लगाकर रखें।
Have you practiced Setu Bandhasana?
Sharing a video that will teach you the Asana and also state some of its benefits. #YogaDay2019pic.twitter.com/rc9bZNsjM0 — Narendra Modi (@narendramodi) June 18, 2019
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इस प्रकार कमर और शरीर का भार आपकी कलाइयों और हथेलियों पर आ जाएगा। इस स्थिति में सांस सामान्य कर लें। इस स्थिति में 10 से 20 सेकंड तक रुकें। फिर कमर के निचले हिस्से और रीढ़ पर खिंचाव को महसूस करें। अंत में वापस आने के लिए फिर से घुटने को मोड़ें। दोनों हथेलियों को कमर के नीचे से हटाएं, कमर को किसी प्रकार का झटका न लगे। बाजू सीधी कर लें और सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे कमर को नीचे कर लें। पैरों को भी सीधा कर लें और कुछ देर शवासन में आराम करें।
सेतुबंधासन रीढ़ की सभी कशेरुकाओं को अपने सही स्थान पर स्थापित करने में सहायक है। ये आसन कमर दर्द को दूर करता है। इस आसन से पेट के सभी अंग जैसे लीवर, पैंक्रियाज और आंतों में खिंचाव आता है। कब्ज की समस्या दूर होती है और भूख भी खुलकर लगती है।
सेतुबंधासन को जल्दबाजी में ना करें, बल्कि नियंत्रण पूर्वक अभ्यास करें। इस आसन को करने के दौरान शरीर में किसी प्रकार का झटका ना लगने दें। शरीर का संतुलन बनाए रखें। कमर, हथेली और कलाई पर अत्यधिक भार आए तो पहले भुजंगासन, शलभासन और पूर्वोत्तानासन का अभ्यास एक-दो महीने तक करें। इसके बाद ही सेतुबंधासन का अभ्यास शुरू करें। जिन लोगों को पहले से कमर-दर्द, स्लिप डिस्क या अल्सर की समस्या हो, वे इसका अभ्यास ना करें।