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Written By: Anshumala | Updated : June 20, 2019 6:39 PM IST
जानें, शशांकासन के सेहत लाभ के बारे में। © Shutterstock.
'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस'' (International Yoga Day) 21 जून को है। योग लंबी उम्र तक स्वस्थ रहने का सबसे आसान जरिया है। पर लोगों के पास वक्त की कमी होने से इसका अभ्यास नियमित रूप से नहीं कर पाते। लेकिन इसके महत्व को आपको समझना होगा और योगाभ्यास के लिए आधा घंटा समय निकालना होगा।
आज जिसे देखो वह तनाव और परेशानियों से घिरा हुआ है, इस कारण लोग कई रोगों से घिर जाते हैं। स्वभाव से लोग चिड़चिड़े हो जाते हैं। ऐसे लोगों को नियमित रूप से शशांकासन करना चाहिए। इसे नियमित करने से तनाव दूर होगा, बल्कि आप हेल्दी भी रहेंगे। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित शशांकासन (Shashankasana) करने से हृदय रोग, मधुमेह और दमा रोग से बचे रहते हैं। नसें लचीली होकर अच्छी तरह से काम करती हैं। इतना ही नहीं यह आसन कामविकारों से निजात दिलाने में भी मदद करता है। महिलाओं के गर्भाशय व जननांगों को भी स्वास्थ्य रखता है। इस आसन को अंग्रेजी में Hare Pose Yogasana कहते हैं।
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'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस'' (International Yoga Day) के उपलक्ष पर हर दिन की तरह आज पीएम मोदी ने शशांकासन (Shashankasana) का एनिमेटेड वीडियो शेयर करके, इसके सेहत पर होने वाले फायदों के बारे में बताया है। जानें इसे करने का तरीका और सेहत लाभ के बारे में-
Watch this video on Shashankasana.
Make Shashankasana a part of your routine and see the positive changes it brings to your lifestyle. #YogaDay2019pic.twitter.com/8AvHuzr2Oc — Narendra Modi (@narendramodi) June 15, 2019
शशांकासन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। पीठ की समस्याएं दूर होती हैं। यह नर्व यानी तंत्रिकाओं पर पड़ने वाला दबाव को कम करता है। गर्भधारण में रुकावट (बच्चा न होने की समस्या) के लिए भी इसकी सलाह दी जाती है।
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सबसे पहले अपने घुटनों के बल, पैर की एड़ी पर बैठ जाएं। घुटने जोड़ लें और हथेलियां जांघों पर रख लें।
आपका सिर और पीठ सीधी होनी चाहिए।
सांस लें, अपने हाथ सिर के ऊपर ले जाएं और सीधे रखें। हथेलियां सामने की तरफ हों।
सांस छोड़ें और धीरे-धीर आगे की तरफ झुकना शुरू करें, लेकिन बाजू मोड़े नहीं और हाथ सीधा रहने दें।
अब आपका माथा जमीन को छुएगा और हथेलियां जमीन पर फ्लैट रहेंगी, लेकिन हाथ सीधे रखें।
सामान्य रूप में सांस लेते रहें और 10 सेकंड तक इसी मुद्रा में रहें।
अब सांस लेते हुए उसी मुद्रा में आएं, जहां से शुरुआत की थी।
इसी तरह से इस क्रिया को 4 से 5 बार करें।
अगर आप वर्टिगो, स्लिप डिस्क, हाई ब्लड प्रेशर संबन्धी समस्याओं से पीड़ित हैं तो इसे ना ही करें तो बेहतर होगा।