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Written By: Anshumala | Published : August 21, 2019 2:22 PM IST
हंसासन करने से कमर और पीठ दर्द में मिलता है आराम और भी होते हैं कई लाभ। © Shutterstock
आजकल लोगों की जैसी लाइफस्टाइल हो गई है, उसमें कमर, पीठ, कंधा दर्द बहुत आम हो गया है। कुछ लोग उल्टा-सीधा खाने से हर समय पेट दर्द से भी परेशान रहते हैं। स्वस्थ रहना है तो जीवनशैली में एक्सरसाइज और योग को महत्व देना जरूरी है। शरीर में होने वाले किसी भी दर्द को कम करने का सबसे आसान तरीका है योग। ऐसे में हंसासन का अभ्यास (Hansasana Benefits) आपके शरीर के दर्द से तुरंत आराम देने में बेहद लाभदायक है। जब आप हंसासन (Hansasana Benefits) करते हैं तब शरीर की अवस्था हंस जैसी बन जाती है, इसलिए इस आसान को हंसासन कहते हैं।
हंसासन करते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए। इस आसन को करने के दौरान आपके पूरे शरीर का संतुलन दोनों हथेलियों पर होता है। कुछ लोग तो काम के प्रेशर से मानसिक दबाव में जीवन व्यतीत करते हैं। किसी भी तरह के मेंटल टेंशन को भी कम करने के लिए हंसासन बहुत कारगर (Hansasana Benefits) आसन है। नींद नहीं आना, तनाव, सिर दर्द से परेशान जो लोग रहते हैं, उन्हें भी इसका अभ्यास नियमित रूप से करना चाहिए। हंसासन योग क्रिया हर तरह के दर्द को दूर करने में लाभदायक है।
इसे आप कई तरह से कर सकते हैं। यहां हम आपको एक तरीका बता रहे हैं। सबसे पहले घुटनों के बल बैठ जाएं (How to do hansasana)। अब अपने दोनों हाथों को फर्श पर रखें। दोनों हाथों के बीच 8-10 इंच की दूरी रखें। अब घुटनों को आगे और कोहनियों को पीछे की तरफ मोड़ कर रखें। धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए, अपनी दोनों हथेलियों पर जोर देकर, शरीर के पिछले भाग को ऊपर की तरफ उठाएं। अपने शरीर का पूरा भार अपनी हथेलियों पर रखें और संतुलन बनाए रखें। अपनी गर्दन को आगे की तरफ झुकाएं और शरीर की मुद्रा पक्षी की तरह बनाएं। इस स्तिथि में लगभग 30 सेकेंड्स तक रुकें। इसे तीन-चार बार दुहराएं।
दूसरी विधि में पैरों को सामने की और सीधा करके बैठ जाएं। वज्रासन की स्थिति में आकर घुटनों में गैप रखें और आगे की तरफ झुकें। दोनों हथेलियों को फर्श पर घुटनों के बीच में रखें। उंगलियां पीछे की और रहेंगी। अब कोहनियों को मोड़ते हुए नाभि के पास सटाएं। सिर को जमीन से लगाएं। पैरों को पीछे ले जाएं। पंजों को जमीन पर लगाएं। एड़ी से सिर तक शरीर को एक सीधी रेखा में रखें। कुछ देर इस स्थिति में रुकें फिर पहली वाली स्थिति में आ जाएं।
कमर, पेट, पीठ, पसली (Hansasana helps to relief back pain) आदि में होने वाले दर्द दूर होते हैं।
हंसासन करने से कब्ज (Hansasana cures constipation) और पेट में होने वाली गैस की समस्या दूर होती है। पैन्क्रियाज सक्रिय होता है।
पेट की चर्बी और वजन कम होता है।
फेफड़े स्वच्छ होते हैं और सक्रिय होकर काम करते हैं।
पेट और आंतों में होने वाले कीड़े आसानी से बाहर निकल जाते हैं।
हाथ, कलाइयां, कंधे आदि मजबूत होते हैं। शरीर शक्तिशाली बनता है, छाती मजबूत, पुष्ट और चौड़ी होती है।
शरीर में रक्त का संचार तेज और बेहतर होता है।
हांथो और पैरो की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
यदि आप चाहते हैं कि आपके चेहरे पर चमक और ताजगी नजर आए, तो इसका अभ्यास करें।
भूख नहीं लगती तो इसका अभ्यास करें। इससे भूख बढ़ती है और पेचिश की समस्या से छुटकारा मिलता है।
- इसे शुरुआत में करने में आपको थोड़ी मुश्किल आ सकती है। एक सामन्य व्यक्ति अपने हाथों पर अचानक से पूरा भार डालकर खड़ा नहीं हो सकता है, इसके नियमित अभ्यास से आप इसे सही तरीके से कर सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि इसकी सभी क्रिया को धीरे-धीरे करें और सांस लेने और छोड़ने की क्रिया भी सामान्य रखें।
- जिन्हें पेप्टिक अल्सर, हर्निया या हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है, उन्हें इसे करने से बचना चाहिए।
- प्रेग्नेंट महिलाएं इसे ना करें।
- हांथों की मांसपेशियों में दर्द, ऐंठन या खिंचाव हो, तो थोड़ी देर रुक कर करें।
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