Parighasana Aka Gate Pose Benefits- परिघासन के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

परिघासन (Gate Pose) के फायदे व नुकसान- परिघासन एक खास योग मुद्रा है, जिसकी मदद से शरीर की कई महत्वपूर्ण मांसपेशियों को लचीला बनाया जाती है और बदन की जकड़न दूर की जा सकती है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : May 6, 2022 7:58 PM IST

परिघासन मांसपेशियों में लचीलता प्रदान करने वाला एक विशेष योगासन है, जिसे आमतौर पर एक स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज के रूप में भी किया जाता है। यह मध्यम श्रेणी की योग मुद्रा है, जिसे करने के लिए शरीर में पर्याप्त लचीलता होनी जरूरी है। यह योगासन आमतौर पर कांख, कंधे, जांघ और पीठ के दोनों तरफ की मांसपेशियों में खिंचाव लाती है। साथ ही इससे रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने में भी मदद मिलती है। इस योगासन का नाम संस्कृत के शब्द “परिघ” पर पड़ा है, जिसका हिंदी में मतलब द्वार होता है। परिघासन में शारीरिक मुद्रा एक द्वार की भांति बन जाती है और इसलिए अंग्रेजी में भी इसे गेट पॉज (Gate pose) के नाम से जाना जाता है।

परिघासन के फायदे (Benefits of Gate Pose)

यदि परिघासन योग मुद्रा को सही तकनीक के साथ और विशेष बातों का ध्यान रखते हुए किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -

1. मांसपेशियों को मजबूत बनाता है परिघासन

परिघासन योग मुद्रा के दौरान शरीर की कई महत्वपूर्ण मांसपेशियों की एक्सरसाइज होती है और धीरे-धीरे ये मजबूत बन जाती हैं।

2. रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाए परिघासन

परिघासन योगाभ्यास के दौरान कमर में कई बार मोड़ आते हैं, जिससे रीढ़ की हड्डी की लचीलता बढ़ने लगती है।

3. परिघासन करे रक्त परिसंचरण में सुधार

यदि सही तकनीक के साथ परिघासन अभ्यास किया जा रहा है, तो इससे शरीर के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में रक्त की आपूर्ति बढ़ जाती है।

4. परिघासन करे मानसिक रोगों को दूर

सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं परिघासन योग मुद्रा मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभदायक है। इससे डिप्रेशन, चिंता व तनाव जैसे लक्षणों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

हालांकि, परिघासन से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ प्रमुख रूप से योगासन के तरीके और अभ्यासकर्ता की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।

परिघासन करने का तरीका (Steps to do Gate Pose)

यदि आप पहली बार परिघासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरणों का पालन करके आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -

  • Step 1 - सबसे पहले सपाट जमीन पर मैट बिछा लें और उस पर सीधे खड़े हो जाएं
  • Step 2 - इसके बाद गहरी सांस लें और बाएं पैर को उठाकर बाईं तरफ थोड़ी दूरी पर रख लें
  • Step 3 - दाएं पैर का घुटना जमीन पर रखें और दायां हाथ ऊपर कर लें
  • Step 4 - इस दौरान भी आपके बाएं पैर का तलवा जमीन पर टिका होना चाहिए और पंजा भी बाईं ओर होना चाहिए
  • Step 5 - अब ऊपर देखते हुए धीरे-धीरे बाईं तरफ झुकें और बाएं हाथ को बाएं घुटने के पास ले आएं

इस योग मुद्रा को आप लगभग तीस सेकेंड या अपनी क्षमता के अनुसार अवधि तक बना कर रख सकते हैं और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं। यदि आपको इस बारे में कोई भी सवाल है, तो योग प्रशिक्षक से संपर्क करें।

परिघासन के दौरान सावधानियां (Precautions during Gate Pose)

परिघासन अभ्यास आमतौर पर योग प्रशिक्षक के निगरानी में ही किया जाता है और इस दौरान निम्न सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं -

  • सबसे पहले स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें
  • योगासन से ठीक पहले कुछ न खाएं या पीएं
  • कोई भी क्रिया बलपूर्वक न करें
  • किसी प्रकार का झटका न लगने दें
  • दर्द होने पर तुरंत उस गतिविधि को रोक दें

परिघासन कब न करें (When not to do Gate Pose)

कुछ स्वास्थ्य स्थितियां हैं जिनके दौरान परिघासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से अनुमति ले लेनी चाहिए -

  • शरीर के किसी हिस्से में गंभीर दर्द या चोट लगी होना
  • हृदय या सांस संबंधी रोग
  • शरीर में जकड़न
  • बीमार या वृद्धावस्था
  • मासिक धर्म या गर्भावस्था
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