
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 15, 2022 2:07 PM IST
भैरवासन एक खास योग मुद्रा है, जिससे शरीर पर कई सकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। इसे वशिष्ठासन का जटिल संस्करण भी कहा जाता है। भैरवासन योग मुद्रा वास्तव में एक जटिल क्रिया है, जिसे शुरुआती अभ्यासकर्ताओं द्वारा नहीं किया जाना चाहिए। इसमें शारीरिक मुद्रा कुछ इस प्रकार की होती है, जिसमें व्यक्ति को गिरकर चोट लगने का खतरा होता है इसलिए एक योग प्रशिक्षक की मदद से ही इसका अभ्यास करना चाहिए। भैरवासन प्रमुख रूप से जांघ की मांसपेशियों को लचीलता प्रदान करता है और साथ ही इससे मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। भैरवासन को सुप्त भैरवासन और अंग्रेजी में डिस्ट्रॉयर ऑफ द यूनिवर्स (Destroyer of the Universe Pose) के नाम से भी जाना जाता है।
भैरवासन एक ऐसा योगाभ्यास है, जिसे सही तकनीक और विशेष बातों का ध्यान रखते हुए किया जाए तो इससे निम्न स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -
भैरवासन का योगाभ्यास सही तरीके से करने से रीढ़ की हड्डी व उसके आसपास की मांसपेशियों में आवश्यक तनाव आने लगता है, जिससे लचीलापन बढ़ जाता है।
नियमित रूप से भैरवासन अभ्यास करने से शरीर के कई महत्वपूर्ण मांसपेशियां मजबूत होने लगती हैं, जिससे मांसपेशियों में ऐंठन व उससे संबंधित अन्य समस्याएं ठीक होना बंद हो जाती हैं।
विशेष सावधानियां बरतते हुए यदि भैरवासन अभ्यास किया जा रहा है, तो ऐसे में कूल्हे और उसके आसपास की मांसपेशियां जैसे जांघ आदि की मांसपेशियों में लचीलापन आने लगता है।
भैरवासन अभ्यास करना शरीर के अन्य अंगों के साथ तंत्रिका तंत्र के कार्यों में भी सुधार करता है। इस योग मुद्रा से तंत्रिका तंत्र की कार्य प्रक्रिया तेज हो जाती है और रक्त संचार प्रक्रिया में सुधार होता है।
भैरवासन योग मुद्रा अभ्यास करने के सिर्फ शारीरिक लाभ नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी कई लाभ मिलती हैं, जिससे डिप्रेशन व अन्य मानसिक रोगों का इलाज करने में मदद मिलती है।
हालांकि, भैरवासन से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ पूरी तरह से योगासन के तरीके और आपकी स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।
यदि आप पहली बार भैरवासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरणों का पालन करके आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -
इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य मुद्रा में आ जाएं और यदि आपको इससे संबंधी कोई भी सवाल है, तो योग प्रशिक्षक से संपर्क करें।
भैरवासन योग मुद्रा बनाने के दौरान मुख्य रूप से निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए -
कुछ स्वास्थ्य स्थितियां हैं जिनके दौरान भैरवासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से अनुमति ले लेनी चाहिए -