... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Yogita Yadav | Published : August 28, 2018 4:41 PM IST
घर और बाहर की जिम्मेदारियों के बीच कभी-कभार मन इतना चिड़चिड़ा हो जाता है कि बना बनाया काम बिगड़ जाता है। कई बार जाने अनजाने हमें इतना गुस्स आ जाता है कि हमने कल्पना भी नहीं की होती।
क्या है कारण
मनोचिकित्सक इस गुस्से का कारण काम के दवाब और अत्यधिक अपेक्षाओं को मानते हैं। पर इससे बचा नहीं जा सकता। जिन चीजो से बचा नहीं जा सकता, उनके लिए बेहतर है कि खुद ही उनके साथ समायोजन बैठा लें।
न बन जाएं डिप्रेशन
यह गुस्सा बढ़ते-बढ़ते कहीं खुद को ही नुकसान न पहुंचाने लगे, इसके लिए जरूरी है कि एंगर मैनेजमेंट सीखा जाए। कई बार तो व्यक्ति इतना डिस्टर्ब हो जाता है कि धीरे-धीरे डिप्रैशन की चपेट में आने लगता हैं। इस तरह की स्थिति से खुद को बचाने का सबसे सबसे बैस्त तरीका है शक्ति मुद्रा।
शक्ति मुद्रा करने का तरीका
मुट्ठियों की उंगलियां आमने-सामने सीधी रखें (ऊपर की ओर हो)। दोनों मुट्ठियों के बीच लगभग दो इंच का अंतर रखें। फिर लंबी-गहरी सांस लें। इस मुद्रा को रोजाना आधा घंटा करें। अगर शक्ति मुद्रा को वज्रासन में बैठकर किया जाए तो ज्यादा लाभ मिलेगा।
शक्ति मुद्रा करने के फायदे
शक्ति मुद्रा से शारीरिक और मानसिक शक्ति बढ़ती है। इस मुद्रा को करने से नाड़ियों ठीक से काम करती हैं। यह मुद्रा जिम करने वालों, नकारात्मक विचार रखने वालों, तनावग्रस्त, अनिद्रा, स्लिप डिस्क और पीठ दर्द के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद हैं। अगर आपका शरीर बिना वजह से कांपता रहता है तो इस मुद्रा को करके देखें।
चित्र स्रोत:Shutterstock.
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.