Matsyasana Aka Fish pose Benefits- मत्स्यासन के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

मत्स्यासन (Fish pose) के फायदे व नुकसान- मत्स्यासन एक प्राचीन योग मुद्रा है, जिसकी मदद से कई मानसिक व शारीरिक रोगों को दूर किया जा सकता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : July 1, 2022 11:28 AM IST

मत्स्यासन (Matsyasana in hindi) को अंग्रेजी में “फिश पोज” (Fish pose in hindi) कहा जाता है, जो मुख्य रूप से रीढ़ की हड्डी, पीठ का ऊपरी सिरा और गर्दन का निचला सिरा मजबूत बनाने के लिए किया जाता है। इसमें रीढ़ को ऊपर व नीचे एक निश्चित लय के साथ हलचल दी जाती है, जो पानी में मछली के तैरने की क्रिया से मेल खाती है। इसी कारण से इस योगासन का नाम मत्स्यासन या फिश पोज है। मत्स्यासन से न सिर्फ शारीरिक रूप से आपको अनेक फायदे देता है, बल्कि इससे मस्तिष्क की स्थिति में भी सुधार रहता है और कई भावनात्मक समस्याएं दूर हो जाती हैं। चलिए जानते हैं मत्स्यासन योगाभ्यास करने से क्या-क्या फायदे मिलते हैं और इस दौरान किन सावधानियों का पालन करना जरूरी होता है।

मत्स्यासन के फायदे (Benefits of Fish pose)

मत्स्यासन से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों में निम्न शामिल हैं -

1. कूल्हे की पेशियों को मजबूत बनाए मत्स्यासन

यदि मत्स्यासन का सही विधि के अनुसार अभ्यास किया जाए तो इससे दोनों कूल्हों की पेशियां मजबूत हो सकती हैं।

2. पसलियों के बीच की हड्डियां मजबूत बनाए मत्स्यासन

मत्स्यासन पसलियों के बीच पाई जाने वाली मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। ये मांसपेशियां सांस लेने के दौरान छाती को सिकुड़ने व खुलने में मदद करती हैं जिससे आप सामान्य रूप से सांस ले पाते हैं।

3. गर्दन व रीढ़ की हड्डी को शक्ति प्रदान करे मत्स्यासन

नियमित रूप से मत्स्यासन अभ्यास करने से रीढ़ व गर्दन की हड्डी के आसपास की मांसपेशियां मजबूत हो जाती है, जो उन्हें सहारा प्रदान करती हैं।

4. पेट में लचीलापन लाए मत्स्यासन

मत्स्यासन की मदद से पेट के लचीलेपन को बढ़ाया जा सकता है, जिससे पेट दर्द, अपच और अन्य कई समस्याओं से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है।

मत्स्यासन करने का तरीका (Steps to do Fish pose)

मत्स्यासन योग से संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए उसे सही विधि के अनुसार करना जरूरी है, जो इस प्रकार है -

  • Step 1 - मैट या कंबल पर पीठ के बल लेट जाएं और बाजुओं को सीधा रखें
  • Step 2 - कोहनी और बांह के अगले हिस्से पर दबाव देकर छाती को ऊपर की तरफ उठाएं
  • Step 3 - पीठ, छाती, व गर्दन का वजन नितंबों और कोहनियों पर आने दें और सिर के पीछे की तरफ झुका लें
  • Step 4 - इसके बाद अपनी बांहों पर जोर देते हुए सिर को ऊपर लेकर आएं और छाती को नीचे जानें दें
  • Step 5 - यह योग प्रक्रिया को कम से कम 5 से 6 बार करें

हालांकि, मत्स्यासन एक जटिल योगासन है जिसे सीखने में समय लग सकता है और करते समय गलती भी हो सकती है। इसलिए आपको योग प्रशिक्षक की मदद से यह योगासन सीखने की सलाह दी जाती है।

मत्स्यासन करते समय सावधानियां (Precaution during Fish pose)

किसी भी योगासन को करते समय विशेष सावधानियां बरतना जरूरी होता है, ताकि उसका कोई विपरीत प्रभाव आपके शरीर पर न पड़े। मत्स्यासन करते समय निम्न बातों का ध्यान रखना जरूरी है -

  • गर्दन पर जोर न डालें, ऐसा करने से गर्दन में दर्द हो सकता है
  • कोहनियों को एक ही रेखा में रखें, ताकि शारीरिक संतुलन सही बना रहे
  • कोई भी प्रक्रिया तेजी से न करें ऐसा करने से गर्दन या कंधों में झटका लग सकता है

मत्स्यासन कब न करें (When not to do Fish pose)

कुछ स्थितियों में मत्स्यासन अभ्यास नहीं करना चाहिए, जिनमें निम्न स्वास्थ्य समस्याएं भी शामिल हैं -

  • कंधे, सीने, पीठ या बाहों में दर्द होना
  • हृदय संबंधी समस्याएं होना
  • मांसपेशियां कमजोर होना
  • थकावट महसूस होना
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