
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 1, 2022 6:45 PM IST
टिट्टिभासन एक विशेष योगासन है, जिससे स्वास्थ्य को अनेक लाभ मिलते हैं। टिट्टिभासन में हाथों के बल पर शरीर का वजन उठाया जाता है और संतुलन बनाकर रखा जाता है। यह एक जटिल योग मुद्रा है, जिसमें बल व संतुलन दोनों की आवश्यकता पड़ती है और लगातार अभ्यास करके इसे सीखा जाता है। नए अभ्यासकर्ताओं को योग प्रशिक्षक की मदद के बिना यह योगाभ्यास नहीं करना चाहिए। इस योगासन में योग मुद्रा टिट्टिभ के समान प्रतीत होती है और इसलिए इसका नाम टिट्टिभासन पड़ गया। वहीं अंग्रेजी में इसे फायर फ्लाई पोज (Firefly Pose) कहा जाता है।
यदि टिट्टिभासन योग मुद्रा को सही तकनीक के साथ और विशेष बातों का ध्यान रखते हुए किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -
टिट्टिभासन से शरीर की कई महत्वपूर्ण हिस्सों में खिंचाव लाया जाता है, जिसकी मदद से वहां की मांसपेशियों लचीलापन और मजबूती बढ़ती है।
टिट्टिभासन उन प्रमुख योग मुद्राओं में से एक है, जिनकी मदद से पेट के बाहरी हिस्से में पर्याप्त खिंचाव लाया जाता है और इससे धीरे-धीरे चर्बी कम होने लगती है।
सही तकनीक के साथ टिट्टिभासन अभ्यास करने से पेट के अंदरूनी अंग उत्तेजित होकर सक्रिय रूप से काम करने लगते हैं और साथ ही कब्ज व पेट फूलने जैसी समस्याएं भी विकसित नहीं हो पाती हैं।
यह योग मुद्रा सिर्फ शारीरिक लाभ ही नहीं इससे मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। इससे चिंता व तनाव जैसे लक्षण कम होने लगते हैं और मूड अच्छा रहने लगता है।
हालांकि, टिट्टिभासन से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ पूरी तरह से योगासन के तरीके और आपकी स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।
यदि आप पहली बार टिट्टिभासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरणों का पालन करके आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -
इस योग क्रिया को आप अपनी क्षमता के अनुसार अवधि तक कर सकते हैं और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं। यदि आपको इससे संबंधित कोई भी सवाल है, तो किसी अच्छे योग प्रशिक्षक से संपर्क करें।
टिट्टिभासन अभ्यास आमतौर पर योग प्रशिक्षक के निगरानी में ही किया जाता है और इस दौरान निम्न सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं -
कुछ स्वास्थ्य स्थितियां हैं जिनके दौरान टिट्टिभासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से अनुमति ले लेनी चाहिए -