
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 16, 2022 12:35 PM IST
उत्तान शीशोसन को एक सरल लेकिन प्रभावी योगासन के रूप में जाना जाता है। यह नए अभ्यासकर्ताओं के लिए उचित योगासन है, जिससे गर्दन, पीठ, छाती और कूल्हों की मांसपेशियों में खिंचाव मिलता है। अंग्रेजी में इसे “एक्सटेंडेड पप्पी पोज” (Extended puppy pose) के नाम से जाना जाता है।
यदि सही तकनीक के साथ और विशेष सावधानियां बरतते हुए उत्तान शीशोसन अभ्यास किया जा रहा है, तो उससे निम्न स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -
उचित तकनीक के साथ उत्तान शीशोसन करने से कंधों की मांसपेशियों में सकारात्मक रूप से खिंचाव आता है, जिससे इन हिस्सों में दर्द जैसी समस्याएं नहीं हो पाती हैं।
नियमित रूप से उत्तान शीशोसन अभ्यास से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आने लगता है, जिससे पीठ में दर्द कम होता है और बॉडी पोस्चर भी सुधरता है।
जिन लोगों को कूल्हों की मांसपेशियों में ऐंठन व जकड़न जैसी समस्याएं हैं, वे नियमित रूप से उत्तान शीशोसन अभ्यास करके इन लक्षणों को कम कर सकते हैं।
उत्तान शीशोसन न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, इससे मानसिक व भावनात्मक संतुलन में भी सुधार होता है। उत्तान शीशोसन से चिंता, तनाव व डिप्रेशन जैसी समस्याएं नहीं होती हैं और अभ्यासकर्ता का मूड भी अच्छा रहता है।
हालांकि, उत्तान शीशोसन से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ आमतौर पर योगासन करने की सही तकनीक और अभ्यासकर्ता की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।
उत्तान शीशोसन एक सरल मुद्रा है लेकिन फिर भी इसे सही तकनीक के साथ करना बेहद जरूरी है। निम्न कुछ चरण दिए गए हैं, जिनकी मदद से आपको उत्तान शीशोसन की योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -
यदि आप पहली बार यह योगासन करने जा रहे हैं, तो इसे सही तकनीक के साथ करने के लिए आपको किसी अनुभवी योग प्रशिक्षक से मदद लेने की सलाह दी जाती है।
वैसे तो यह एक सरल योगासन है, हालांकि, फिर भी इस दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है -
कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के दौरान उत्तान शीशोसन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए -