Ashtanga Namaskara Aka Eight Limbed pose Benefits- अष्टांग नमस्कार के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

अष्टांग नमस्कार (Eight Limbed pose) के फायदे व नुकसान- अष्टांग नमस्कार एक खास योग क्रिया है, जिसे मुख्य रूप से सूर्य नमस्कार के दौरान किया जाता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : May 15, 2022 2:29 PM IST

अष्टांग नमस्कार एक खास योग मुद्रा है और इसे सूर्य नमस्कार के प्रमुख हिस्सों में से एक माना जाता है। यह एक सरल योग मुद्रा है, जिसे शुरुआती अभ्यासकर्ता भी थोड़ा सा अभ्यास करने के बाद कर सकते हैं। इससे स्वास्थ्य को अनेक लाभ मिलते हैं, हालांकि, उसके लिए इसे सही तकनीक के साथ करना बेहद जरूरी है। अष्टांग नमस्कार से गर्दन, पीठ व कंधों की मांसपेशियों को पर्याप्त खिंचाव मिलता है और साथ ही इन हिस्सों में होने वाले दर्द को कम किया जा सकता है। इस योग मुद्रा में शरीर के आठ हिस्से जमीन पर टिके होते हैं और यह सूर्य नमस्कार का हिस्सा होने के कारण इसका नाम अष्टांग नमस्कार रखा गया। अंग्रेजी में इसे एट लिम्ब्ड पॉज (Eight Limbed pose) या कैटरपिलर पॉज (Caterpillar pose) के नाम से जाना जाता है।

अष्टांग नमस्कार के फायदे (Benefits of Eight Limbed pose)

यदि अष्टांग नमस्कार का अभ्यास सही तकनीक के साथ और विशेष सावधानियां बरतते हुए किया जाए तो इससे निम्न स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -

1. अष्टांग नमस्कार लाए मांसपेशियों में लचीलापन

अष्टांग नमस्कार का अभ्यास करने से मांसपेशियों में खिंचाव आता है और उनमें लचीलापन बढ़ जाता है। जिन लोगों को शरीर के हिस्सों में अकड़न की समस्या हुई है, उनके लिए यह योगाभ्यास काफी लाभदायक हो सकता है।

2. शरीर के सभी अंगों में सुधार लाए

अष्टांग नमस्कार एक खास योग मुद्रा है, जिसका शरीर के लगभग सभी अंगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे अंग प्रभावी रूप से काम करने लग जाती हैं और उनके आसपास की मांसपेशियां भी लचीली रहती हैं।

3. रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाए अष्टांग नमस्कार

जिन लोगों को रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं रहती हैं, उनके लिए भी अष्टांग नमस्कार काफी लाभदायक मुद्रा हो सकती है। इस योग मुद्रा का अभ्यास नियमित रूप से करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत हो जाती है।

4. मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाए अष्टांग नमस्कार

अष्टांग नमस्कार से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं का इलाज करने में मदद मिलती है। नियमित रूप से अष्टांग नमस्कार अभ्यास करने से चिंता व तनाव जैसी समस्याएं ठीक हो जाती हैं।

हालांकि, अष्टांग नमस्कार से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ प्रमुख रूप से योगासन के तरीके और अभ्यासकर्ता की स्वास्थ्य स्थिति पर आधारित होते हैं।

अष्टांग नमस्कार करने का तरीका (Steps to do Eight Limbed pose)

यदि आप पहली बार अष्टांग नमस्कार अभ्यास करने जा रहे हैं, तो आप निम्न तरीके से यह योग मुद्रा बना सकते हैं -

  • Step 1 - सबसे पहले सपाट जमीन पर मैट बिछा लें और उसपर पेट के बल लेट जाएं
  • Step 2 - गहरी सांस लेते हुए हथेलियों को पसलियों के पास लाकर जमीन पर रखें
  • Step 3 - अब पैर के अंगूठे और घुटने जमीन पर रखें और कूल्हों को हवा में उठा लें
  • Step 4 - सीने व ठोड़ी को जमीन पर टिका कर रखें और हथेलियों पर जोर देते हुए पेट को हवा में उठा लें

जब तक आप कर सकते हैं इस योग मुद्रा को बना कर रखें और फिर धीरे-धीरे सामान्य मुद्रा में आ जाएं। यदि आपको इससे संबंधित कोई भी सवाल है, तो योग प्रशिक्षकि से इस बारे में बात करें।

अष्टांग नमस्कार के दौरान सावधानियां (Precautions during Eight Limbed pose)

अष्टांग नमस्कार अभ्यास करने के दौरान निम्न बातों का ध्यान रखें -

  • शरीर के किसी भी हिस्से में अधिक खिंचाव न आने दें
  • दोनों हाथों की आकृति समान रखें
  • पेट को जमीन पर न लगने दें
  • गर्दन पर अधिक जोर न पड़ने दें

अष्टांग नमस्कार कब न करें (When not to do Eight Limbed pose)

स्वास्थ्य संबंधी निम्न समस्याओं से ग्रस्त लोगों को अष्टांग नमस्कार अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए -

  • शरीर के किसी हिस्से में गंभीर दर्द या चोट लगना
  • बीपी कम या ज्यादा होना
  • सांस या हृदय से संबंधित रोग
  • मासिक धर्म या गर्भावस्था

इसके अलावा यदि आप लंबे समय से कोई दवा ले रहे हैं या फिर आपको कोई दीर्घकालिक बीमारी है, तो भी योगाभ्यास शुरू करने से पहले डॉक्टर से अनुमति अवश्य लें।

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