Astavakrasana Aka Eight angle pose Benefits- अष्टवक्रासन के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

अष्टवक्रासन (Eight angle pose) के फायदे और नुकसान- अष्टवक्रासन एक खास योग मुद्रा है, जिसमें शरीर के कई हिस्सों की मांसपेशियों को मजबूत बनाया जाता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : May 16, 2022 1:42 PM IST

अष्टवक्रासन एक जटिल योग मुद्रा है, जिसका अभ्यास आमतौर पर योग प्रशिक्षकों की मदद से ही किया जाता है। इस योगासन में शरीर की मूल मांसपेशियों के बल और शारीरिक संतुलन की आवश्यकता पड़ती है। अंग्रेजी में इसे “एट एंगल पोज” (Eight angle pose) के नाम से जाना जाता है।

अष्टवक्रासन के लाभ (Benefits of Eight angle pose)

अष्टवक्रासन एक खास योगासन है, जिससे सही तरीके के साथ किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं जैसे -

1. मूल मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करे अष्टवक्रासन

यदि सही तकनीक के साथ अष्टवक्रासन योगाभ्यास किया जा रहा है, तो इससे शरीर की मूल मांसपेशियां शक्तिशाली होने लगती हैं।

2. पेट की मांसपेशियों को शक्तिशाली बनाए अष्टवक्रासन

इस योग मुद्रा को बनाते समय पेट की मांसपेशियों का बल भी लगता है, जिससे वे धीरे-धीरे शक्तिशाली होने लगती हैं।

3. वजन कम करने में मदद अष्टवक्रासन

नियमित रूप से अष्टवक्रासन अभ्यास करने से आपके शरीर से अतिरिक्त चर्बी खत्म होने लगती है और आपका शरीर सुडौल बनने लगता है।

4. आत्मविश्वास बढ़ाए अष्टवक्रासन

जब धीरे-धीरे आप यह योग मुद्रा पूरी तरह से बनाना सीख जाते हैं, तो इससे आपका अपने शरीर पर आत्मविश्वास बढ़ता है और साथ ही आपका मूड भी अच्छा रहने लगता है

हालांकि, अष्टवक्रासन से प्राप्त होने वाले प्रमुख रूप से योगासन करने की तकनीक और हर अभ्यासकर्ता की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है।

अष्टवक्रासन करने का तरीका (Steps to do Eight angle pose)

यदि आप पहली बार अष्टवक्रासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरण यह योग मुद्रा बनाने में आपकी मदद कर सकते हैं -

  • Steps 1 - सबसे पहले सपाट जमीन पर मैट बिछा लें और दंडासन योग मुद्रा में बैठ जाएं
  • Steps 2 - अब दाईं टांग को अपने हाथों से उठाते हुए ऊपर लाएं और फिर दाएं हाथ को उसके नीचे करते हुए मैट पर रख लें
  • Steps 3 - दोनों हाथों को उचित दूरी के साथ मैट पर रखें, जिसमें दायां पैर दाएं हाथ के ऊपर होना चाहिए
  • Steps 4 - अब बाएं और दाएं पैर को आपस में जोड़ लें और आगे झुकते हुए हाथों पर शरीर का वजन छोड़ने की कोशिश करें
  • Steps 5 - संतुलन बनाते हुए नितंबों को मैट से उठा लें और हवा में ले आएं व साथ ही कोहनियों को झुकाते रहें
  • Steps 6 - इस योग मुद्रा को आप अपनी क्षमता के अनुसार अवधि तक रख सकते हैं और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं।

अष्टवक्रासन एक जटिल योग मुद्रा है, जिसमें शारीरिक शक्ति और संतुलन चाहिए होता है। यदि आप यह योगासन करना चाहते हैं, तो योग प्रशिक्षक से ट्रेनिंग अवश्य लें

अष्टवक्रासन के दौरान सावधानियां (Precautions during Eight angle pose)

अष्टवक्रासन एक जटिल योग मुद्रा है, जिस दौरान विशेष बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है -

  • योगासन अभ्यास शुरू करने से पहले वार्म अप व स्ट्रेचिंग कर लें
  • हाथों को उचित दूरी पर रखें जिसे आपकी ऊपर वाली टांग को सहारा मिल सके
  • शारीरिक संतुलन बनाने के लिए धीरे-धीरे वजन को हाथों पर छोड़े
  • पूरा ध्यान योग मुद्रा पर रखें

अष्टवक्रासन कब न करें (When not to do Eight angle pose)

यदि आपको निम्न में से कोई भी स्वास्थ्य समस्या है, तो अष्टवक्रासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें -

  • शरीर के किसी हिस्से में गंभीर दर्द या चोट लगी होना
  • थकावट या मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना
  • मासिक धर्म या गर्भावस्था
  • चक्कर या नींद आना
  • सांस या हृदय संबंधी रोग होना
  • शारीरिक संतुलन बनाने में कठिनाई या वृद्धावस्था
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