
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : May 15, 2022 7:56 PM IST
कर्नापीड़ासन शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाला एक विशेष योगासन है और इसकी योग मुद्रा हलासन से काफी मिलती-जुलती है। इस योगासन का नाम संस्कृत के तीन शब्दों “कर्ण”, “पीड़ा” और “आसन” से मिलकर बना है और अंग्रेजी में इसे “ईयर प्रेशर पोज” (Ear pressure pose) के नाम से जाना जाता है।
यदि कर्नापीड़ासन अभ्यास सही तरीके के साथ और विशेष सावधानियां बरतते हुए किया जाए तो इससे स्वास्थ्य संबंधी कई लाभ मिल सकते हैं -
सही तरीके के साथ कर्नापीड़ासन अभ्यास करने से गर्दन की पिछली मांसपेशियों में खिंचाव आता है और उनमें लचीलता बढ़ती है। जिन लोगों को गर्दन में अकड़न की समस्या है उनके लिए कर्नापीड़ासन काफी लाभदायक हो सकता है।
नियमित रूप से कर्नापीड़ासन अभ्यास करने से पेट के अंदर मौजूद अंग उत्तेजित होने लगते हैं जिसे पाचन क्रिया में सुधार होता है और कब्ज जैसी समस्याएं भी कम होने लगती हैं।
कर्नापीड़ासन अभ्यास करने से रीढ़ व कंधों की मांसपेशियों में भी पर्याप्त खिंचाव आता है, जिससे इन हिस्सों में दर्द व अकड़न जैसी समस्याएं नहीं होती हैं।
कर्नापीड़ासन न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार लाता है, इससे कई मानसिक व भावनात्मक लाभ भी मिलते हैं। जिन लोगों को चिंता, तनाव, डिप्रेशन व अन्य मानसिक समस्याएं हैं उनके लिए कर्नापीड़ासन लाभदायक हो सकता है।
हालांकि, कर्नापीड़ासन से प्राप्त होने वाले लाभ प्रमुख रूप से योगासन को करने के तरीके और अभ्यासकर्ता की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।
यदि आप पहली बार कर्नापीड़ासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरण आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद कर सकते हैं -
इसके बाद आप धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं। यदि आपको इस योगासन से संबंधी कोई भी सवाल है, तो किसी अनुभवी योग प्रशिक्षक के संपर्क करें।
कर्नापीड़ासन अभ्यास के दौरान कोई भी क्रिया बलपूर्वक न करें। यदि गर्दन पर अधिक जोर पड़ रहा है, तो घुटनों को जमीन से स्पर्श करने की कोशिश न करें। हाथों व टांगों को समांतर रखें और गर्दन टेढ़ी न होने दें। योगाभ्यास शुरू करने से पहले थोड़ी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें।
कुछ स्वास्थ्य स्थितियों के दौरान कर्नापीड़ासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से अनुमति ले लेनी चाहिए -