Karnapidasana Aka Ear to Knee Pose Benefits- कर्नापीड़ासन के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

कर्नापीड़ासन (Ear to knee pose) के फायदे और नुकसान- कर्नापीड़ासन एक खास प्रकार की योग मुद्रा है, जिससे शरीर के कई हिस्सों को लाभ मिलता है।

WrittenBy

Written By: Mukesh Sharma | Updated : May 15, 2022 7:56 PM IST

कर्नापीड़ासन शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाला एक विशेष योगासन है और इसकी योग मुद्रा हलासन से काफी मिलती-जुलती है। इस योगासन का नाम संस्कृत के तीन शब्दों “कर्ण”, “पीड़ा” और “आसन” से मिलकर बना है और अंग्रेजी में इसे “ईयर प्रेशर पोज” (Ear pressure pose) के नाम से जाना जाता है।

कर्नापीड़ासन के लाभ (Benefits of Ear to Knee Pose)

यदि कर्नापीड़ासन अभ्यास सही तरीके के साथ और विशेष सावधानियां बरतते हुए किया जाए तो इससे स्वास्थ्य संबंधी कई लाभ मिल सकते हैं -

1. गर्दन को लचीला बनाए कर्नापीड़ासन

सही तरीके के साथ कर्नापीड़ासन अभ्यास करने से गर्दन की पिछली मांसपेशियों में खिंचाव आता है और उनमें लचीलता बढ़ती है। जिन लोगों को गर्दन में अकड़न की समस्या है उनके लिए कर्नापीड़ासन काफी लाभदायक हो सकता है।

2. पेट के अंगों को उत्तेजित करे कर्नापीड़ासन

नियमित रूप से कर्नापीड़ासन अभ्यास करने से पेट के अंदर मौजूद अंग उत्तेजित होने लगते हैं जिसे पाचन क्रिया में सुधार होता है और कब्ज जैसी समस्याएं भी कम होने लगती हैं।

3. रीढ़ व कंधों को मजबूती प्रदान करे कर्नापीड़ासन

कर्नापीड़ासन अभ्यास करने से रीढ़ व कंधों की मांसपेशियों में भी पर्याप्त खिंचाव आता है, जिससे इन हिस्सों में दर्द व अकड़न जैसी समस्याएं नहीं होती हैं।

4. मानसिक संतुलन बढ़ाए कर्नापीड़ासन

कर्नापीड़ासन न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार लाता है, इससे कई मानसिक व भावनात्मक लाभ भी मिलते हैं। जिन लोगों को चिंता, तनाव, डिप्रेशन व अन्य मानसिक समस्याएं हैं उनके लिए कर्नापीड़ासन लाभदायक हो सकता है।

हालांकि, कर्नापीड़ासन से प्राप्त होने वाले लाभ प्रमुख रूप से योगासन को करने के तरीके और अभ्यासकर्ता की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।

कर्नापीड़ासन का तरीका (Steps to do Ear to Knee Pose)

यदि आप पहली बार कर्नापीड़ासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरण आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद कर सकते हैं -

  • Step 1 - सपाट जमीन पर मैट बिछा लें और उसपर पीठ के बल लेटकर गहरी सांस लें
  • Step 2 - अब टांगों को ऊपर उठाते हुए उन्हें सिर के ऊपर ले जाएं और पैरों को जमीन पर रख लें
  • Step 3 - इस दौरान आपके घुटने आपके माथे के ठीक ऊपर आ जाएंगे, जो कि एक हलासन मुद्रा है
  • Step 4 - अप धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ना शुरू करें और घुटनों को कान के पास ले आएं
  • Step 5 - अब हाथों का दबाव देते हुए कूल्हों को ऊपर लाने की कोशिश करें
  • Step 6 - जब आपके घुटने कानों के पास जमीन को स्पर्श करने लगें तो कम से कम पांच गहरी सांस लें

इसके बाद आप धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं। यदि आपको इस योगासन से संबंधी कोई भी सवाल है, तो किसी अनुभवी योग प्रशिक्षक के संपर्क करें।

कर्नापीड़ासन के दौरान सावधानियां (Precautions during Ear to Knee Pose)

कर्नापीड़ासन अभ्यास के दौरान कोई भी क्रिया बलपूर्वक न करें। यदि गर्दन पर अधिक जोर पड़ रहा है, तो घुटनों को जमीन से स्पर्श करने की कोशिश न करें। हाथों व टांगों को समांतर रखें और गर्दन टेढ़ी न होने दें। योगाभ्यास शुरू करने से पहले थोड़ी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें।

कर्नापीड़ासन कब न करें (When not to do Ear to Knee Pose)

कुछ स्वास्थ्य स्थितियों के दौरान कर्नापीड़ासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से अनुमति ले लेनी चाहिए -

  • शरीर के किसी हिस्से में गंभीर दर्द या चोट लगी होना
  • मासिक धर्म या गर्भावस्था
  • रक्तचाप या हृदय रोग
  • थकावट या कमजोरी महसूस होना
Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source