
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
वर्तमान में सबसे ज्यादा अभ्यास किए जाने वाले योगासनों में भुजंगासन को भी शामिल किया जाता है। इस खास योग मुद्रा को सूर्य नमस्कार के एक हिस्से के रूप में किया जाता है और अलग से भी इसका अभ्यास किया जा सकता है। अंग्रेजी में इसे “कोब्रा पोज” कहा जाता है और इसके अभ्यास के दौरान शरीर की मुद्रा भी कोब्रा (एक प्रकार का सांप) के समान प्रतीत होती है। भुजंगासन की मुख्य मुद्रा रीढ़ की हड्डी को पीछे की तरफ झुकाना होता है, जिससे पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रीढ़ की हड्डी सीधी होती है। हालांकि, सिर्फ रीढ़ की हड्डी के लिए ही नहीं इससे शरीर की अन्य की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और साथ ही आपकी मानसिक स्थिति में सुधार होता है। चलिए जानते हैं भुजंगासन से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ और इसका अभ्यास करने के तरीकों के बारे में
भुजंगासन अभ्यास करने से कई स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं, जिनमें प्रमुख रूप से निम्न को शामिल किया गया है -
हाल ही में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि नियमित रूप से कोब्रा पोज प्रैक्टिस करने से पीठदर्द को कम करने में मदद मिल सकती है।
भुजंगासन को स्फूर्ति प्रदान करने वाले योगासनों में गिना जाता है, जिससे आप दिनभर गतिशील रहते हैं और रात को अच्छी नींद ले पाते हैं। जिन लोगों को अनिद्रा की समस्या है, उनके लिए भुजंगासन अच्छा विकल्प हो सकता है।
नियमित रूप से भुजंगासन अभ्यास करने से शारीरिक मुद्रा में सुधार होता है। आजकल बिगड़ती जीवनशैली में बॉडी पॉश्चर लगातार खराब हो रहा है, ऐसे में भुजंगासन लाभदायक हो सकता है।
भुजंगासन न सिर्फ शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, इससे मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। नियमित रूप से भुजंगासन करने से डिप्रेशन, चिंता व तनाव जैसे लक्षण कम होते हैं और आत्म-सम्मान बढ़ता है।
भुजंगासन करने का सही तरीका इस प्रकार है -
जिस समय आप भुजंगासन कर रहे होते हैं, तो इस बात का ध्यान रखें कि आप प्रक्रिया के दौरान सामान्य बल लगा रहे हैं। कोई भी योगासन करते समय अधिक बल लगाने या जोर जबरदस्ती करने की आवश्यकता नहीं है। भुजंगासन करते समय गर्दन को रीढ़ की हड्डी की रेखा में ही रखें, ऐसा न करने पर गर्दन में दर्द हो सकता है। भुजंगासन करते समय आपका पूरा ध्यान योग मुद्रा पर ही केंद्रित होना चाहिए, ताकि आप सही ढंग से योगासन कर पाएं।
कुछ शारीरिक स्थितियां हैं, जिनमें भुजंगासन करने से स्वास्थ्य समस्या और बिगड़ सकती हैं, इनमें निम्न शामिल हैं -
हालांकि, यदि आपको स्वास्थ्य संबंधी कोई भी समस्या है या फिर आप पहली बार भुजंगासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो ऐसे में आपको एक बार अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करने की सलाह दी जाती है।