
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : May 15, 2022 11:32 AM IST
भरद्वाजासन एक प्राचीन योग मुद्रा है और इससे मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों को लेकर वर्तमान में भी यह काफी प्रचलित है। यह एक सरल योग मुद्रा है, जिसका अभ्यास करने के लिए न तो अधिक शारीरिक बल की आवश्यकता पड़ती है और न ही व्यक्ति को शरीर का हवा में संतुलन बनाकर रखना पड़ता है। भरद्वाजासन का नाम भारद्वाज मुनि के नाम पर पड़ा और अंग्रेजी में इसे भरद्वाजाज ट्विस्ट (Bharadvaja's twist) के नाम से जाना जाता है। भरद्वाजासन प्रमुख रूप से रीढ़ की हड्डी, जांघ, पिंडली और कंधों की मांसपेशियों को लचीला बनाता है। हालांकि, सही तकनीक के साथ अभ्यास करने से इससे कई मानसिक समस्याओं को दूर किया जा सकता है।
भरद्वाजासन ऐसा योगाभ्यास है, जिसे सही तकनीक और विशेष बातों का ध्यान रखते हुए किया जाए तो इससे निम्न स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -
भरद्वाजासन योगाभ्यास करने से कमर के दोनों तरफ के हिस्सों में खिंचाव आता है, इससे मांसपेशियां मजबूत होने के साथ-साथ कमर की चर्बी कम करने में मदद मिलती है।
जिन लोगों को पीठ में जकड़न की समस्या रहती है, तो उनके लिए यह योगासन काफी लाभदायक हो सकता है। भरद्वाजासन के दौरान पीठ की मांसपेशियों में उचित तनाव व खिंचाव आता है, जिससे पीठ और गर्दन की जकड़न कम होती है।
भरद्वाजासन योगाभ्यास करने से कूल्हे और घुटने के जोड़ों पर भी सकारात्कमक प्रभाव पड़ता है। इस योग मुद्रा से घुटने व कूल्हे के जोड़ों में मौजूद संरचनाओं में खिंचाव आने लगता है और जोड़ खुलने लगते हैं।
यह योग मुद्रा पेट के मांसपेशियों में खिंचाव भी लाती है और साथ ही पेट के अंदरूनी अंगों में भी सकारात्मक दबाव पड़ता है। पेट की मांसपेशियों में दबाव पड़ने से उसके अंदरूनी अंग प्रभावी रूप से काम करना बंद कर देते हैं औऱ पाचन क्रिया में सुधार हो जाता है।
हालांकि, भरद्वाजासन से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ पूरी तरह से योगासन के तरीके और आपकी स्वास्थ्य स्थिति पर आधारित होते हैं।
यदि आप पहली बार भरद्वाजासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो आपको निम्न चरणों का पालन करके यह योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -
इस योग मुद्रा को आमतौर पर आप अपनी क्षमता के अनुसार बनाकर रख सकते हैं और फिर इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य मुद्रा में आ सकते हैं।
भरद्वाजासन अभ्यास करने के दौरान निम्न बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है -
निम्न स्थितियों में भरद्वाजासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से अनुमति ले लेनी चाहिए -