
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 1, 2022 6:58 PM IST
स्वस्तिकासन सबसे प्राचीन योग मुद्राओं में से एक है और आजकल दुनियाभर में इसका अभ्यास मेडिटेशन के रूप में किया जाता है। स्वस्तिकासन एक सरल योग मुद्रा है, जिसे शुरुआती व अनुभवी दोनों अभ्यासकर्ता कर सकते हैं। इस योग मुद्रा को करने में शारीरिक बल लगाने या संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। स्वस्तिकासन से अभ्यासकर्ता को मानसिक व शारीरिक दोनों लाभ मिलते हैं और अनेक रोगों से छुटकारा मिलता है। यह संस्कृत के दो शब्दों “स्वास्तिक” और “आसन” दो शब्दों से मिलकर बना होता है जिसमें स्वास्तिक का मतलब शुभ होता है। अंग्रेजी में इसे “ऑस्पीशियस पॉज” (Auspicious Pose) कहा जाता है।
यदि स्वस्तिकासन योग मुद्रा को सही तकनीक के साथ और विशेष बातों का ध्यान रखते हुए किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -
स्वस्तिकासन अभ्यास करने से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है और डिप्रेशन, तनाव व चिंता जैसी समस्याएं दूर होने लगती हैं। साथ ही नियमित रूप से स्वस्तिकासन अभ्यास करने से मूड भी अच्छा रहता है।
स्वस्तिकासन से रीढ़ की हड्डी के आसपास की मांसपेशियां मजबूत होने लगती हैं, जिससे पीठ सीधी रहती है और कूबड़ जैसी समस्याएं होने का खतरा कम हो जाता है।
स्वस्तिकासन का अभ्यास नियमित रूप से करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है, जिससे संक्रमण व अन्य कई रोग विकसित होने का खतरा कम हो जाता है।
स्वस्तिकासन का अभ्यास सही तकनीक के साथ और नियमित रूप से किया जाए तो इससे संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार होता है।
हालांकि, स्वस्तिकासन से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ पूरी तरह से योगासन के तरीके और आपकी स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।
यदि आप पहली बार स्वस्तिकासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरणों का पालन करके आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -
इस योग क्रिया को आप अपनी क्षमता के अनुसार अवधि तक कर सकते हैं और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं। यदि आपको इससे संबंधित कोई भी सवाल है, तो किसी अच्छे योग प्रशिक्षक से संपर्क करें।
स्वस्तिकासन अभ्यास आमतौर पर योग प्रशिक्षक के निगरानी में ही किया जाता है और इस दौरान निम्न सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं -
कुछ स्वास्थ्य स्थितियां हैं जिनके दौरान स्वस्तिकासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से अनुमति ले लेनी चाहिए -