
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Published : April 22, 2026 11:30 AM IST
Medically Verified By: Dr. Rita Bakshi
ब्रेस्ट पेन
Periods Se Pehle Breast Pain Hone Ka Kya Karan Hai: पीरियड्स से पहले ब्रेस्ट में दर्द होना एक आम और प्राकृतिक स्थिति है, जिसे मेडिकल भाषा में प्री-मेंसुरल मास्टाल्जिया (Premenstrual Mastalgia) कहा जाता है। यह दर्द आमतौर पर मासिक धर्म शुरू होने से 3–7 दिन पहले महसूस होता है और पीरियड्स शुरू होने के बाद धीरे-धीरे कम हो जाता है। कई महिलाओं को इस दौरान ब्रेस्ट में भारीपन, सूजन, संवेदनशीलता या हल्का दर्द महसूस होता है।
इसका मुख्य कारण शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो हर महीने मासिक चक्र के दौरान स्वाभाविक रूप से होते हैं। यह समस्या ज्यादातर हानिकारक नहीं होती, लेकिन इसके बारे में सही जानकारी होना जरूरी है ताकि अनावश्यक चिंता से बचा जा सके। इस विषय पर गंभीरता से जानने के लिए हमने RISAA IVF की को-फाउंडर और सीनियर गाइनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर रीता बक्शी से बात की और जाना की ऐसा क्यों होता है।
मासिक चक्र के दूसरे हिस्से यानी कि ल्यूटियल फेज में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर बदलता है। इन हार्मोनों का प्रभाव ब्रेस्ट टिश्यू पर पड़ता है, जिससे ब्रेस्ट में सूजन और कोमलता बढ़ जाती है। यही कारण है कि पीरियड्स से पहले ब्रेस्ट में दर्द या असहजता महसूस होती है। यह एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है और हर महिला में इसका अनुभव अलग-अलग हो सकता है।
हार्मोनल बदलाव- एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के स्तर में उतार-चढ़ाव ब्रेस्ट टिश्यू को प्रभावित करता है, जिससे सूजन, भारीपन और दर्द महसूस हो सकता है।
फ्लूड रिटेंशन (पानी रुकना)- पीरियड्स से पहले शरीर में पानी जमा होने लगता है, जिससे ब्रेस्ट टिश्यू में सूजन आती है और ब्रेस्ट टाइट या भारी महसूस होते हैं।
मिल्क ग्लैंड्स की सक्रियता- हार्मोनल बदलाव के कारण दूध बनाने वाली ग्रंथियां थोड़ी सक्रिय हो जाती हैं, जिससे ब्रेस्ट में खिंचाव और दर्द हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पीरियड्स से पहले हमारी बॉडी को महसूस होता है कि पेट में बच्चा है, जिसके लिए वह ब्रेस्ट में खाना बनाना शुरु कर देती है। यही कारण है कि पीरियड्स से पहले हमारे ब्रेस्ट में पेन भी होता है और वह भारी भी महसूस होते हैं।
फैटी एसिड इम्बैलेंस- कुछ रिसर्च के अनुसार, शरीर में फैटी एसिड के असंतुलन के कारण भी ब्रेस्ट टिश्यू हार्मोन के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं, जिससे दर्द बढ़ सकता है।
कैफीन और लाइफस्टाइल फैक्टर्स- ज्यादा चाय, कॉफी, चॉकलेट, हाई-फैट डाइट, तनाव और नींद की कमी भी इस दर्द को बढ़ा सकते हैं।
फाइब्रोसिस्टिक बदलाव- कुछ महिलाओं में ब्रेस्ट टिश्यू स्वाभाविक रूप से ज्यादा संवेदनशील होता है, जिससे पीरियड्स से पहले गांठ जैसा महसूस होना और दर्द होना आम बात है।
सपोर्टिव ब्रा पहनें- अच्छी फिटिंग वाली ब्रा ब्रेस्ट को सपोर्ट देती है और दर्द को कम करने में मदद करती है।
कैफीन कम करें- चाय, कॉफी और चॉकलेट का सेवन कम करने से कई महिलाओं को राहत मिलती है।
गर्म या ठंडी सिकाई- ब्रेस्ट पर हल्की गर्म या ठंडी सिकाई करने से सूजन और दर्द में आराम मिल सकता है।
संतुलित आहार लें- हरी सब्जियां, फल और कम नमक वाला भोजन शरीर में फ्लूड रिटेंशन को कम करता है।
हल्की एक्सरसाइज और तनाव कम करें- नियमित व्यायाम और स्ट्रेस मैनेजमेंट से हार्मोनल बैलेंस बेहतर होता है और लक्षण कम हो सकते हैं।
निष्कर्ष
मेडिकली देखा जाए तो पीरियड्स से पहले ब्रेस्ट पेन एक सामान्य स्थिति है और अधिकतर मामलों में यह अपने आप ठीक हो जाती है। हालांकि, अगर दर्द बहुत ज्यादा हो, एक ही जगह लगातार बना रहे, ब्रेस्ट में असामान्य गांठ महसूस हो या निप्पल से किसी प्रकार का डिस्चार्ज हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में समय पर जांच करवाना जरूरी होता है ताकि किसी गंभीर समस्या को शुरुआती चरण में पहचाना जा सके। सही जानकारी और जागरूकता से महिलाएं अपने शरीर में होने वाले इन बदलावों को बेहतर तरीके से समझ सकती हैं और जरूरत पड़ने पर उचित सलाह ले सकती हैं।