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क्या पीरियड्स पेन के लिए प्लांट बेस्ड रेमेडीज सच में असरदार हैं? जानें क्या कहती है साइंस

Periods Pain Ke Liye Upay: अगर आप पीरियड पेन से परेशान रहती हैं तो इस बार प्लांट बेस्ट रेमेडीज अपनाएं, हो सकता है आप दवाइयां लेना छोड़ दें।

क्या पीरियड्स पेन के लिए प्लांट बेस्ड रेमेडीज सच में असरदार हैं? जानें क्या कहती है साइंस
पीरियड्स पेन
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Sharmistha Mondal

Written by Vidya Sharma |Updated : April 7, 2026 4:08 PM IST

Periods Pain Ke Liye Natural Remedies: पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द हर महिला के लिए असहनीय होता है। हालांकि अब कई साधन आ गए हैं तो इस दर्द को कम करने में बहुत ही ज्यादा फायदेमंद हैं। कुछ इस दवा खाकर कम करती हैं तो कुछ घरेलू नुस्खों से, लेकिन आज हम आपको पीरियड्स पेन (Menstrual Cramps) को कम करने के कुछ नॉन स्टेरॉयड और प्लांट बेस्ट नेचुरल उपायों के बारे में बताने वाले हैं।

क्लिनिकल साइंटिस्ट, मेडिकल साइकोलॉजिस्ट और फॉर्मुलेशन एक्सपर्ट डॉक्टर शर्मिष्ठा इस विषय पर बताते हुए कहती हैं कि ‘हालांकि, अब सोच बदल रही है। महिलाएं केवल अस्थायी राहत नहीं, बल्कि सुरक्षित और लंबे समय तक असर करने वाले विकल्प तलाश रही हैं। इसी वजह से आजकल नॉन-स्टेरॉयडल और प्लांट-बेस्ड (Plant-Based) समाधानों की ओर तेजी से रुझान बढ़ रहा है।’ आइए हम डॉक्टर से इन उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या दर्द के मूल कारण को समझना जरूरी है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पीरियड्स के दौरान दर्द मुख्य रूप से प्रोस्टाग्लैंडिन (Prostaglandins) नाम के केमिकल्स के कारण होता है, जो गर्भाशय की मांसपेशियों में संकुचन और सूजन उत्पन्न करते हैं। NSAIDs इन प्रोस्टाग्लैंडिन के प्रोडक्शन को कम करके दर्द और सूजन दोनों में राहतप्रदान करते हैं। हालांकि, इनका प्रभाव अस्थायी होता है और बार-बार उपयोग की आवश्यकता पड़ सकती है।

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बार-बार पेन किलर लेने के क्या जोखिम हैं?

एक्सपर्ट के अनुसार पेन किलर दवाओं का बार-बार या लंबे समय तक उपयोग कुछ व्यक्तियों में गैस्ट्रिक परेशानी, एसिडिटी या अन्य दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है, खासकर अगर इन्हें बिना चिकित्सकीय सलाह के लिया जाए। इसलिए, इनके उपयोग को सीमित और आवश्यकतानुसार रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।

प्लांट-बेस्ड सॉल्यूशन ज्यादा पसंद क्यों किए जा रहे हैं?

प्राकृतिक तत्वों पर आधारित समाधान सपोर्टिव रोल निभा सकते हैं, खासकर हल्के से मध्यम दर्द के मामलों में। हल्दी (Turmeric) और अदरक (Ginger) जैसे तत्वों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो सूजन को कम करने में सहायक हो सकते हैं। हालांकि, इनका असर पर्सन टू पर्सन निर्भर करता है और इन्हें मेडिकल ट्रीटमेंट का पूरा विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

इनोवेशन कैसे बदल रहा है पीरियड केयर?

आज के समय में प्लांट-बेस्ड उपाय केवल घरेलू उपायों तक सीमित नहीं हैं। बाजार में अब विभिन्न प्रकार के विकल्प उपलब्ध हैं, जैसे- 

  • टॉपिकल (त्वचा पर लगाने वाले) प्रोडक्ट
  • लंबे समय तक आराम देने के लिए डिजाइन किए गए सैनेटरी उत्पाद
  • पोषण आधारित सप्लीमेंट्स
  • ये सभी विकल्प पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक अनुसंधान के संयोजन पर आधारित हैं।

क्या बदल रही है महिलाओं की सोच?

महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ अब वे अपने शरीर को बेहतर समझने और सूचित निर्णय लेने पर अधिक ध्यान दे रही हैं। तात्कालिक राहत के साथ-साथ अब सुरक्षा, लंबे समय तक रहने वाले प्रभाव और जीवनशैली के साथ सामंजस्य भी महत्वपूर्ण कारक बन गए हैं।

आगे का रास्ता क्या है?

पेन किलर दवाएं आज भी प्रभावी और आवश्यक विकल्प हैं, खासतौर से हल्के से लेकर ज्यादा दर्द के मामलों में। साथ ही, प्लांट-बेस्ड और अन्य वैकल्पिक उपाय सहायक भूमिका निभा सकते हैं, खासकर तब जब उन्हें संतुलित और सूचित तरीके से अपनाया जाए। आखिरकार, सही दृष्टिकोण वही है जो व्यक्ति की जरूरत, दर्द की तीव्रता और चिकित्सकीय सलाह, इन सभी को ध्यान में रखकर चुना जाए।

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Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

पीरियड्स में दर्द से आराम पाने के लिए किन फूड्स का सेवन करना चाहिए ?

पीरियड्स में दर्द से आराम पाने के लिए  ओमेगा-3 फैटी एसिड्स वाले फूड्स, मैग्नीशियम रिच फूड्स  और साबुत अनाज  का सेवन फायदेमंद होता है।

पीरियड्स में दर्द किन बीमारियों का लक्षण है?

आमतौर पर फाइब्राइड, पीसीओडी और एंडोमेट्रिओसिस जैसी बीमारियों में महिलाओं को पीरियड्स के दौरान तेज दर्द महसूस हो सकता है।

लड़कियो के पीरियड्स किस उम्र में शुरू होते हैं?

आमतौर पर टीनएज या 10-15 साल के बीच की उम्र में  लड़कियों के पीरियड्स शुरू हो सकते हैं।  

अदरक का पानी पीने से पीरियड आता है?

अदरक में मौजूद गुण गर्भाशय को उत्तेजित कर सकते हैं, जिससे पीरियड जल्दी आ सकता है। लेकिन इसका जरूरत से ज़्यादा सेवन नहीं करना चाहिए।