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मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में कई प्रकार के हार्मोनल बदलाव आते हैं, जिससे वजन भी बढ़ने लगता है। © Shutterstock
मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में कई प्रकार के हार्मोनल बदलाव आते हैं जिसके कारण उन्हें कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। मेनोपॉज होने का सही समय 40 या उसके बाद होता है और यदि इस उम्र के पहले महिलाओं को मेनोपॉज आ जाता है तो उन्हें असहजता महसूस होने लगती है। मेनोपॉज के दौरान अंडे का उत्पादन होना बंद हो जाता है और इस वजह से भी कई मानसिक और शारीरिक समस्या हो जाती हैं। कई महिलाओं का वजन अनियमित रूप से बढ़ने लगता है और इसके कारण भी उन्हें कई स्वास्थ्य समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है। यदि आप भी चाहती हैं कि मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ने की समस्या से परेशान न होना पड़े तो इन बातों को जरूर रखें ध्यान में। सिजेरियन डिलीवरी के बाद संक्रमण से बचना है, तो यूं रखें अपना ख्याल
मेनोपॉज के दौरान वजन को यूं रखें कम
हार्मोन बैलेंसिंग थेरेपी
हार्मोन बैलेंसिंग और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी ऐसी प्रक्रियाएं हैं, जो मेनोपॉज के दौरान सेक्स हार्मोन के नुकसान को रोकता है। इसके अलावा ये थेरेपी मेनोपॉज के बाद वजन को भी बढ़ने से रोकता है और शरीर के अतिरिक्त फैट को बर्न करने में मदद करता है।
एक्सरसाइज करें
मेनोपॉज के बाद एक्सरसाइज करना या शारीरिक गतिविधि को बनाएं रखना आवश्यक होता है, क्योंकि इससे आपका वजन नियंत्रित रहता है और शरीर में मौजूद एक्सट्रा फैट भी बर्न हो जाते हैं। एक्सरसाइज और भी कई प्रकार से शरीर को स्वस्थ रखता है। प्रेगनेंसी से बचने के लिए अनवॉन्टेड पिल्स लेना कितना सुरक्षित, कितना सफल, जानें सब कुछ
हेल्दी हो खानपान
स्वस्थ आहार का सेवन करना आवश्यक होता है खासकर मेनोपॉज के बाद। मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ने का खतरा अधिक रहता है, इसलिए कभी भी अधिक तैलीय खाद्य पदार्थो का सेवन ना करें और कोशिश करें की फाइबर युक्त आहारों का ही सेवन करें और लो-कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
नींद लें भरपूर
पर्याप्त नींद लेना स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाता है। मेनोपॉज के बाद कम से कम आपको 6-7 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए ताकि आपका वजन नियंत्रित रहें।