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Hormonal Problems in Women: मानव शरीर में हार्मोन बेहद महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। खासकर महिलाओं के शरीर में हार्मोन का संतुलन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। महिलाओं के शरीर में हार्मोन न केवल शारीरिक विकास में मदद करते हैं, बल्कि मासिक धर्म, प्रजनन क्षमता को नियंत्रित करना, मानसिक स्वास्थ्य, ऊर्जा स्तर और त्वचा की सेहत के लिए भी बेहद जरूरी होते हैं और गहरा असर डालते हैं। लेकिन जब इन्हीं हार्मोनों का संतुलन गड़बड़ा जाता है, तो इसे विशेषज्ञ हार्मोन इम्बैलेंस कहते हैं। यह समस्या आजकल काफी आम जो गई है, जिसके कारण हमारी लाइफ स्टाइल के जुड़े हैं। इनमें तनाव, गलत खानपान, नींद की कमी आदि शामिल हैं। तो आइए जानते हैं, हार्मोन इम्बैलेंस और महिलाओं में दिखने वाले ऐसे 5 प्रमुख लक्षणों के बारे में।
हार्मोन इम्बैलेंस का सबसे आम लक्षण जो महिलाओं में दिखाई देता है वह है पीरियड्स का अनियमित होना है। जैसे समय पर पीरियड्स न आना, वहीं होने पर बहुत ज्यादा या बहुत कम ब्लीडिंग होना या फिर पीरियड्स का पूरी तरह रुक जाना। यह सभी एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के असंतुलन की ओर इशारा करते हैं, जो कि गलत लाइफस्टाइल को अपनाने से होते हैं।
बिना खान-पान को कोई बड़ा बदलाव किए अगर आपका वजन तेजी से बढ़ रहा है या अचानक घट रहा है, तो यह थायरॉयड या इंसुलिन हार्मोन के असंतुलन की ओर करता हुआ एक इशारा हो सकता है। खासतौर पर पेट और कमर के आस-पास चर्बी का बढ़ना हार्मोनल समस्या से जुड़ा होता है, जिस पर आपको ध्यान देना चाहिए।
अगर किशोरावस्था के गुजर जाने के बाद भी चेहरे, पीठ या छाती पर मुंहासे दिख रहे हैं, तो यह एंड्रोजन हार्मोन के बढ़ने का एक महत्वपूर्ण संकेत है। वहीं त्वचा का अत्यधिक रूखा या ऑयली दिखना भी हार्मोन इम्बैलेंस से जुड़ा होता है। इसलिए आपको त्वचा में हो रहे बदलाव के बारे में जानने का प्रयास करना चाहिए।
अगर आप हर समय थकान महसूस कर रही हैं, चिड़चिड़ापन होने लगा है, बेवजह चिंता होती है, डिप्रेशन जैसा महसूस होता है या अचानक मूड में बदलना होता है तो यह भी हार्मोनल गड़बड़ी के लक्षण हैं। असल में कोर्टिसोल और सेरोटोनिन जैसे हार्मोन आपकी मानसिक स्थिति को प्रभावित करते हैं और इसके इम्बैलेंस का संकेत देते हैं।
यदि आपके सिर के बालों अधिक झड़ रहे हैं या चेहरे और शरीर के अनचाहे हिस्सों पर बाल उग रहे हैं तो यह पीसीओएस और हार्मोन इम्बैलेंस का संकेत हो सकता हैं, जिससे आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। वहीं यदि लंबे समय तक ये लक्षण बने रहें, तो इन्हें नजरअंदाज न करें। समय पर डॉक्टर से सलाह, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव कम करने से हार्मोन संतुलन को बेहतर किया जा सकता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।