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रिवर्स डाइटिंग क्या है, वेट लॉस में कितनी मददगार.
वजन कम करने के लिए कई तरह के वेट लॉस डाइट प्लान हैं. आज कल रिवर्स डाइटिंग का चलन बढ़ रहा है. वजन घटाने में खाने में कैलोरी की मात्रा और शरीर द्वारा खर्च की जाने वाली कैलोरी के बीच तालमेल रखना जरूरी होता है. रिवर्स डाइटिंग फॉर वेट लॉस इसी कैलोरी काउंट पर आधारित है. वेट लॉस में यह सबसे जरूरी होती है कि आप कितनी कैलोरी की डाइट ले रहे हैं. लेकिन रिवर्स डाइटिंग में अधिक कैलोरी वाली डाइट लेकर भी वजन कम करने का दावा किया जाता है. वैसे तो रिवर्स डाइटिंग का चलन बॉडी बिल्डर्स और एथलीट्स के बीच ज्यादा है. लेकिन बढ़ते मोटापे और फिटनेस के लिए सजग लोगों ने इसका उपयोग वेट लॉस डाइट के तौर पर भी करना शुरू कर दिया है.
वेट लॉस के लिए रिवर्स डाइटिंग में क्रमशः डाइट में कैलोरी इनटेक को बढ़ाना होता है. नियमित एक्सरसाइज और डाइट में कैलोरी इनटेके को बढ़ाने के साथ शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करने का भी काम किया जाता है.
अगर वजन कम करने वाले अन्य डाइट प्लान पर ध्यान दें तो वो क्रमशः कैलोरी इनटेक को घटाने की बात करते हैं. जबकि रिवर्स डाइट में कैलोरी इनटेक को क्रमशः बढ़ाना होता है.
वेट लॉस और मेटाबॉलिक रेट तेज करने के लिए रिवर्स डाइटिंग में हर सप्तह डाइट में कैलोरी की मात्रा बढ़ानी होती है. प्रथम सप्ताह में 50 से 100 कैलोरी की मात्रा बढ़ाते हैं, इसी क्रम को 5 से 10 सप्ताह तक अपनाया जाता है. डाइट में कैलोरी बढ़ाते समय यह भी ध्यान में रखना होता है कि प्रोटीन की मात्रा हमेशा एक जैसी ही रहे.
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डाइट एक्सपर्ट्स भी यह मानते हैं कि कैलोरी की मात्रा बढ़ाने से शरीर का मेटाबॉलिज्म ठीक होता है. रिवर्स डाइट के बारे में फिटनेस एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस डाइट को लेने से शरीर सामान्य क्रिया में भी कैलोरी बर्न करता है. बात करने, चलने-फिरने और घर के सामान्य काम करके भी वेट लॉस की प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है.
रिवर्स डाइटिंग के जरिए अनहेल्दी फूड आइटम्स को ज्यादा खाने की जो चाहत होती है उसके रिस्क को कम करने में मदद मिलती है. ऐसे में अगर हम इस डाइटिंग ट्रेंड के थिअरी पर विश्वास करें तो यह डायट वेट लॉस के लिए अच्छा है लेकिन प्रैक्टिकली यह कितना असरदार है इस बारे में अब तक कोई पुष्टि नहीं हुई है.
रिवर्स डाइटिंग से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और डाइटिंग के बाद दोबारा वजन बढ़ने का खतरा नहीं रहता. साथ ही एनर्जी लेवल बढ़ता है और भूख भी कम लगती है. लेकिन इस डायट ट्रेंड से वेट लॉस होता है इसे पूरे विश्वास के साथ नहीं कहा जा सकता.