बेली फैट कम करने के जबरदस्त व आसान उपाय

आपको कुछ ऐसे उपाय भी करते चाहिए. जो आपके बेली फैट को बहुत ही आसान तरीके से कम करते हैं. बेली फैट/पेटी की चर्बी कम करने के लिए हेल्थ टिप्स ऐसे होने चाहिए, जो डाइट व लाइफस्टाइल दोनों से संबंधित हो.

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : September 23, 2019 5:17 PM IST

जीवनशैली व खान-पान में लापरवाही से बेली फैट की समस्या हो जाती है. पेट का मोटापा बहुत ही खराब चीज मानी जाती है. पेट की चर्बी/बेली फैट से कई बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. बेली फैट अधिक होने से डायबिटीज/मधुमेह का खतरा सबसे ज्यादा होता है. इसके अलावा इंसान कमर की चर्बी की वजह से अच्छी लाइफ भी नहीं जी पाता है. अगर आपको भी बेली फैट की परेशानी हैं, तो आपको कुछ ऐसे उपाय भी करते चाहिए. जो आपके बेली फैट को बहुत ही आसान तरीके से कम करते हैं. बेली फैट/पेटी की चर्बी कम करने के लिए हेल्थ टिप्स ऐसे होने चाहिए, जो डाइट व लाइफस्टाइल दोनों से संबंधित हो. क्योंकि बेली फैट को कम करने के लिए सिर्फ डाइट प्लान या डाइट चार्ट बनाने से कम नहीं होता है. तो देर किस बात की आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही डाइट प्लान से लेकर फिटनेस हेल्थ टिप्स जो बेली फैट कम करने में मददगार हैं.

डाइट हेल्थ टिप्स 

पेट की चर्बी कम करने के लिए सबसे पहले डाइट हेल्थ टिप्स की जरूरत होती है. क्योंकि बेली फैट की समस्या ज्यादातर लोगों में गलत डाइट की वजह से होती है. अगर आप वजन कम करने के लिए हेल्थ टिप्स पर काम कर रही हैं, तो आपके लिए कुछ सुझाव बहुत जरूरी हैं.

पानी पीने का सही तरीका 

पेट व कमर के आस-पास जमने वाली चर्बी का मुख्य कारण इसे भी कह सकते हैं. अगर आप खाना-खाते समय पानी पीते हैं तो आप बेली फैट के शिकार होते हैं. बेली फैट कम करने के लिए सबसे पहले आपको खाते समय पानी न पीने की कसम खानी होगी. खाना खाने के पहले ही पानी पी लें या फिर खाने के कम से कम 1 घंटे बाद पानी पीना चाहिए.

खाने का तरीका 

खाने के तरीका भी बेली फैट बर्न पर असर पड़ता है. अगर आप एक साथ ही बहुत ज्यादा खा लेते हैं तो बेली फैट कम नहीं होता है. दिन में कम से कम 3 बार या 5 बार थोड़ा-थोड़ा करके खाने से बेली फैट बर्न करने में आसानी होती है.

शहद और नींबू का सेवन 

शहद का सेवन करना सेहत के लिए बहुत फायेदमंद होता है. शहत तेजी से वजन कम करने में भी मदद करता है. अगर आप शहद और नींबू का सेवन रोजाना करते हैं, तो आप आसानी से वजन कम कर पाते हैं. सुबह के समय खाली पेट गुनगुने पानी में 2 चम्मच शहद मिलाकर पीना फायदेमंद होता है.

ग्रीन टी पियें

बेली फैट का दूसरा सबसे अहम कारण होता है मेटाबॉलिज्म रेट कम होना. अगर आप बेली फैट घाटने के लिए डाइट व हेल्थ टिप्स को अपना रहे हैं, तो आपको ग्रीन टी को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए. ग्रीन टी से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है और तेजी से बेली फैट बर्न होता है.

व्रत/उपवास/डाइटिंग करें 

वजन कम करने के लिए डाइटिंग का चलन भी है. अगर आपको किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं तो आपको फास्टिंग के माध्यम से भी बेली फैट कम कर सकते हैं. फास्टिंग करते समय आपको अपनी डाइट में ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों को शामिल करना होता है.

कैलोरी का रखें ध्यान 

बेली फैट कम करने के लिए डाइट में कैलोरी का ध्यान देना बहुत जरूरी होता है. कैलोरी की मात्रा को अपनी हेल्दी फूड के द्वारा मैनेज कर सकते हैं. खाने में बाहर के खाने को कम से कम शामिल करें. दिन में कितने कैलोरी डाइट की जरूरत है इसके बारे में आप अपने डाइट एक्सपर्ट्स से राय ले सकते हैं. जब आप बेली फैट कम कर रहे होते हैं तो जितनी कैलोरी की जरूरत है उतनी ही आपको अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए.

एक्सरसाइज व योग जरूरी 

पेट की चर्बी कम करने के लिए डाइट के साथ एक्सरसाइज की भी जरूरत होती है. अगर आप रोजाना एक्सरसाइज नहीं कर सकते हैं, तो आपको सप्ताह में कम से कम 3 दिन एक्सरसाइज करना चाहिए.

बेली फैट कम करने के लिए योग भी काफी कारगर माना जाता है. योग में सुर्य नमस्कार, भुजंगासन, पद्ममासन, शलभआसान बेली फैट कम करने में मदद करते हैं.

वाकिंग व रनिंग है जरूरी

रोजाना सुबह सैर पर जाएं और रात के खाने के बाद भी सैर करना ना भूलें. इससे पेट और कमर की अतिरिक्त कैलोरी कम करने में मदद मिलेगी. क्‍योंकि नियमित रूप से सैर पर जाने से 25 फीसदी कैलोरीज बर्न होती है. पेट जल्दी कम करना है तो तीस मिनट के वॉक सेशन रखें. लगातार स्पीड से ना चल सके तो बीच में इंटरवल लें. थोड़ी देर तेजी से चलें और फिर स्पीड कम कर लें.

अच्छी नींद भी जरूरी 

संतुलित आहार व व्यायम के साथ पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है. नींद पूरी ना होने पर तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन्स रिलीज होते हैं जो आपको खाने के लिए प्रेरित करते है जिससे पेट की चर्बी भी बढ़ती है. रात में 6 से 7 घंटे सोने वाले लोगों में पेट का फैट कम होता है. इससे ज्यादा या कम नींद लेने वाले लोगों को तोंद की समस्या ज्‍यादा होती है.