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Risk of Belly Fat in women: वजन बढ़ना या अधिक बैली फैट (Belly fat) होना ना तो पुरुषों के लिए सही है और ना ही महिलाओं की सेहत के लिए हेल्दी होता है। बेली फैट बढ़ने से कई तरह के रोगों के होने का खतरा भी बढ़ जाता है। कई शोध में यह कहा गया है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में अधिक बेली फैट (Belly fat in women) होना घातक हो सकता है। बेली फैट होने से आपके शरीर पर कोई भी ड्रेस सही से ना तो फिट होता है और ना ही जंचता है। ऐसे में आपके अंदर का आत्मविश्वसा कमजोर होता है, आपको शर्मिंदगी महसूस होती है।
बेली फैट के कारण तनाव, डिप्रेशन, एंग्जायटी, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, हार्ट डिजीज, सुस्ती, नींद में कमी जैसी शारीरिक समस्याएं आपको घेर सकती हैं। शरीर में दो तरह के फैट होते हैं सबक्यूटेनियस फैट और विसेरल फैट। फैट का मुख्य कार्य होता है शरीर में ऊर्जा स्टोर करने में सहायता करना। विसेरल फैट सेहत के लिए नुकसानदायक होता है, क्योंकि यह शरीर के कुछ हिस्सों जैसे दिल, लिवर, पेट, फेफड़ों के आसपास जमा होता है। महिलाओं में अधिक बेली फैट (Belly fat in women) होना किस तरह से नुकसानदायक हो सकता है, जानें...
बेली फैट अधिक होने से आपको सूजन की समस्या (inflammation) हो सकती है। सूजन से दूसरी कई बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में यदि विसेरल फैट अधिक हुआ तो इंफ्लेमेशन बढ़ जाता है, क्योंकि इससे लिवर पर असर होता है। सूजन होने से शरीर में हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं। इससे शरीर की मेटाबॉलिज्म भी प्रभावित होती है।
महिलाओं के पेट के आसपास एक्सेस फैट एकत्रित होने से डायबिटीज के रिस्क को भी बढ़ा सकता है। बेली फैट कूल्हों, जांघों, बाहों पर जमे फैट से अधिक नुकसानदायक होता है। इससे टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है।
जब आपके शरीर में इंसुलिन लेवल बढ़ता है, तो ब्लड प्रेशर हाई होने लगता है। शरीर में बढ़े हुए हाई शुगर लेवल और रक्त में इंसुलिन लेवल के प्रति प्रतिरोध करता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर होता है। हाई ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक, स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
यदि आपका वजन अधिक है, बेली फैट हद से ज्यादा बढ़ गया है, तो आपको रात में नींद आने में समस्या हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि वजन या एक्सेस बेली फैट खर्राटे, चिंता, स्लीप एप्निया जैसे रोगों को बढ़ाता है। ये समस्याएं सेहत पर नकारात्मक असर डालती हैं। इन समस्याओं से बचना चाहती हैं, तो अतिरिक्त बेली फैट को कम करने (tips for reducing belly fat in hindi) के उपायों और तरीकों को आज से ही फॉलो करना शुरू कर दें।
वजन अधिक होने या बेली फैट के कारण कार्डियोवैस्कुलर रोगों के होने का खतरा भी बढ़ जाता है। हाई ब्लड प्रेशर होने से रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ता है। साथ ही, इंफ्लेमेशन के कारण भी हार्ट डिजीज होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
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