महिलाएं में भी पुरुषों की तरह टेस्टोस्टेरोन हार्मोन होता है, जिसका बढ़ना कई समस्याओं का कारण बन सकता है।
12 Feb, 2023
महिलाएं में भी पुरुषों की तरह टेस्टोस्टेरोन हार्मोन होता है। महिलाओं के लिए बैलेंस टेस्टोस्टेरोन रेंज 8.37–48.8 एनजी / डीएल है। लेकिन जब ये इससे ऊपर हो जाता है, तो शरीर में कई समस्याएं आने लगती हैं।
Source: Thehealthsiteइंफर्टिलिटी (infertility) गर्भपात (miscarriage) डायबिटीज (diabetes) मोटापा (obesity) एंडोमेट्रिओसिस(endometriosis)
Source: Thehealthsiteटेस्टोस्टेरोन बालों के विकास को प्रोत्साहित करता है। ये इन्हें घने और काले बनाता है। ऐसे में महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन बढ़ने से चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ ज्यादा निकलते हैं।
Source: Thehealthsiteसेक्स हार्मोन एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन के बदलते स्तर आपकी एंग्जायटी और मूड स्विंग्लस को प्रभावित कर सकते हैं।
Source: Thehealthsiteहाई टेस्टोस्टेरोन ब्रेस्ट टिशूज के विकास को रोक देते हैं, जिससे ब्रेस्ट की साइज छोटी रह जाती है। इसलिए टेस्टोस्टेरोन बढ़ने से ब्रेस्ट साइज में बदलाव देखा जा सकता है।
Source: Thehealthsiteहाई टेस्टोस्टेरोन ओव्यूलेशन और पीरियड्स को असंतुलित करता है। ये अंडाशय में इंसुलिन बढ़ाता है जिससे फर्टिलिटी प्रभावित होती है और प्रेगनेंसी में समस्या होती है।
Source: Thehealthsiteटेस्टोस्टेरोन बढ़ने से सीबम का उत्पादन बढ़ जाता है, जो कि सूजन वाले वसामय ग्रंथियों और ऑयली स्किन देता है। ऐसे में बार-बार एक्ने की समस्या हो सकती है।
Source: Thehealthsiteटेस्टोस्टेरोन बढ़ने से हड्डियों का क्षरण होने लगता है और ये कैल्शियम का नुकसान करता है। इससे हड्डियों कमजोर होने लगती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है।
Source: Thehealthsiteहाई टेस्टोस्टेरोन शरीर में एनाबॉलिक स्टेरॉयड के कारण हो सकता है। जिन महिलाओं को पीसीओडी होता है उनमें एण्ड्रोजन का स्तर बढ़ और क्लाइटोरिस में बढ़ जाती है।
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