आज इस लेख में हम जानेंगे कि गर्भ में ऑटिज्म का पता लगाया जा सकता है या नहीं।
02 Apr, 2024
इजराइल के अजराइली नेशनल सेंटर के शोध से पता चला है कि अल्ट्रासाउंड जांच से ऑटिज्म बीमारी के शुरूआती लक्षणों का पता लगाया जा सकता है। ऐसे बच्चों की किडनी, हार्ट, सिर का आकार और फंक्शन आसामान्य हो सकते हैं।
Source: Thehealthsiteअमेरिकी अध्ययनों में यह भी दावा किया गया है कि अगर गर्भावस्था के पहले महीनों में बच्चे के मस्तिष्क का इंसुला और एमिग्डाला पार्ट आकार में बढ़े हुए हैं तो यह भी ऑटिज्म बीमारी का संकेत हो सकता है।
Source: Thehealthsiteएक अध्यन में बताया गया है कि दूसरी तिमाही में नियमित अल्ट्रासाउंड जांच से भी बच्चों में ऑटिज्म बीमारी के शुरूआती लक्षणों का पता लगया जा सकता है।
Source: Thehealthsiteयदि मां गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार के वायरस से संक्रमित होती है, तो इससे पेट में पल रहे बच्चे में ऑटिज्म बीमारी के विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है।
Source: Thehealthsiteबच्चों में इस बीमारी को आगे बढ़ने से रोकने के लिए गर्भवती महिलाएं समय पर जांच करवाएं और डॉक्टर की सलाह लेती रहें। अगर डॉक्टर किसी तरह की जांच या ट्रीटमेंट के लिए कहते हैं तो बिना रुके उसे करवाया जाना चाहिए।
Source: Thehealthsiteपोषण से भरपूर भोजन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर ऑटिज्म के खतरे को कम किया जा सकता है। हालांकि गर्भावस्था में आटिज्म के खतरे को कम करने का कोई तरीका है या नहीं इसकी पुष्टि केवल डॉक्टर/एक्सपर्ट ही कर सकते हैं।
Source: Thehealthsiteपढ़ने के लिए धन्यवाद!