
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : May 26, 2022 2:59 PM IST
विटिलिगो यानि कि स्किन पर होने वाले सफेद धब्बे कोई बीमारी नहीं बल्कि स्किन से संबंधित एक समस्या है। अधिकतर लोग इसे एक संक्रामक रोग समझते हैं और विटिलिगो से ग्रस्त लोगों से दूरी बनाए रखते हैं। यह रोग न ही आनुवंशिक है और न ही इसका खानपान से कोई संबंध है। डॉक्टर्स कहते हैं कि अधिकतर केसस में सफेद दाग किसी भी व्यक्ति को तब होते हैं जब उसका इम्युन सिस्टम कमजोर होने लगता है। आंकड़े बताते हैं कि दुनिया भर की करीब 1 प्रतिशत लोग विटिलिगो की चपेट में आते हैं। वहीं भारत में यह आंकड़ा 8.8 प्रतिशत के करीब है। हमारे समाज में सफेद को लेकर कई तरह के मिथ फैले हुए हैं। कुछ लोग इसे कुष्ठ रोग समझने की भूल कर जाते हैं जबकि डॉक्टर्स इसे केवल एक कॉस्मेटिक प्रॉब्लम मानते हैं। हर साल 25 जून को वर्ल्ड विटिलिगो डे मनाया जाता है ताकि लोगों में इससे प्रति जागरुकता फैले। आज इस लेख में सफेद दाग के लक्षण, इसके होने के पीछे कारण और इससे बचाव के तरीके जानते हैं। तो आइए जानते हैं।
जब भी किसी व्यक्ति को सफेद दागहोने शुरू होते हैं तो उसकी शुरुआत एक हल्के पीले या गुलाबी रंग के धब्बे से होती है। फिर यह धीरे धीरे सफेद होना शुरू होते हैं। गुलाबी रंग के इस धब्बे का आकार शुरुआत में तो बहुत छोटा होता है लेकिन आगे चलकर यह कितना बढ़ेगा यह निश्चित नहीं होता है। हालांकि डॉक्टर से संपर्क कर आप वक्त रहते इस पर काबू पा सकते हैं। सिर्फ यही नहीं स्किन के सफेद होने के साथ ही विटिलिगो में सिर, भौंहो, दाढ़ी और पलकों के बाल भी समय से पहले सफेद होने लगते हैं।
स्किन पर सफेद दाग होने के पीछे मुख्यत: 5 कारण जिम्मेदार माने जाते हैं। जो निम्न हैं—
1. इम्युन सिस्टम का कमजोर होना विटिलिगो की चपेट में आने का सबसे आम कारण माना जाता है।
2. जिन लोगों को फंगल इंफेक्शन की समस्याहोती हैं उनके शरीर में भी सफेद दाग होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
3. ल्यूकोडरमा भी विटिलिगो होने का एक बड़ा कारण माना गया है।
4. खाने में पोषक तत्वों की कमी खासकर के प्रोटीन की कमी भी सफेद दाग होने का एक कारण है।
5. यह रोग पूरी तरह से जेनेटिक नहीं है, महज 1 प्रतिशत मामलों में ऐसा देखा गया है कि जिन बच्चों के माता पिता को विटिलिगो की समस्या होती है उनके बच्चों को भी इससे जूझना पड़ता है।
ऐसा कतई नहीं है कि सफेद दाग का कोई इलाज नहीं है। आज के समय में विटिलिगो को पूरी तरह से सही करने के लिए तमाम तरह के इलाज और थेरेपी उपलब्ध हैं। लेजर तकनीक की मदद से डॉक्टर प्रभावित हिस्से से सफेद दाग को दूर करते हैं और उस स्थान पर व्यक्ति की स्किन का जैसा रंग होता है वैसे ही रंगों की कोशिकाओं को छोड़ते हैं। करीब 5 से 6 हफ्ते बाद इसे हटा दिया जाता है। डॉक्टर कहते हैं कि 3 से 4 महीने में स्किन का रंग काफी हद तक सामान्य हो जाता है।