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Medically Verified By: Dr. Payal Rangar
Childhood Obesity: आजकल बच्चे जितना बाहर खेलने से दूर हो रहे हैं, उतना ही स्क्रीन के पास आ रहे हैं-चाहे वो फोन हो, टीवी या टैबलेट। ऊपर से जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड चीज़ों का बढ़ता क्रेज बच्चों में मोटापे की बड़ी वजह बन रहा है। न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. पायल के मुताबिक, “बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी बेहद कम हो गई है और खाने में न्यूट्रिशनल वैल्यू की जगह सिर्फ टेस्ट ने ले ली है। इसका सीधा असर उनके वज़न पर पड़ता है और यही आगे चलकर डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का रिस्क भी बढ़ा सकता है।
डॉ. पायल की सलाह है कि बच्चों की डाइट में धीरे-धीरे हेल्दी ऑप्शंस को शामिल करें, वह कहती हैं। साथ ही दिन में कम से कम 1 घंटे की फिजिकल एक्टिविटी ज़रूरी है- चाहे वो आउटडोर गेम्स हों, डांस क्लास हो या फिर बस पार्क में दौड़ लगाना। बच्चों को हेल्दी लाइफस्टाइल की आदत जितनी जल्दी लगेगी, उतना ही आसान होगा मोटापे को कंट्रोल करना।