5 वें महीने में मिसकैरेज क्यों होता है? स्त्री रोग विशेषज्ञ बता रही हैं इसके कारण
कई बार प्रेग्नेंसी के 5वें महीने में भी महिलाओं का गर्भपात यानि की मिसकैरेज हो जाता है। डॉक्टर बता रहे हैं ऐसा क्यों होता है और इस स्थिति में क्या करना चाहिए?
Updated : July 9, 2026 7:21 PM IST
अक्सर लोग मानते हैं कि प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीने निकल जाएं तो अब सब कुछ सुरक्षित है। हालांकि, ऐसा हमेशा नहीं होता। कई बार प्रेग्नेंसी के 5वें महीने (20 से 24 सप्ताह) में भी कुछ महिलाओं को मिसकैरेज हो सकता है। यह स्थिति आम नहीं है, लेकिन अगर ऐसा होता है तो इसके पीछे कुछ मेडिकल कारण हो सकते हैं। Dr. Surbhi Mukesh Pandya, Assistant Professor, Department of Obstetrics & Gynaecology at DPU Super Specialty Hospital, Pimpri, Pune के अनुसार, 5वें महीने में मिसकैरेज की सबसे बड़ी वजह गर्भाशय की ग्रीवा (Cervix) का समय से पहले खुल जाना हो सकती है। इसे मेडिकल भाषा में Incompetent Cervix कहा जाता है। इसके अलावा गर्भाशय में संक्रमण, प्लेसेंटा (नाल) से जुड़ी समस्या, भ्रूण में जन्मजात असामान्यताएं या मां को पहले से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या थायरॉयड जैसी बीमारी होना भी इसकी वजह बन सकता है।
डॉक्टर का कहना है, "अगर गर्भावस्था के दौरान पेट में लगातार तेज दर्द, योनि से खून आना, पानी जैसा तरल निकलना या बच्चे की हलचल अचानक कम महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे में तुरंत अस्पताल जाकर जांच करानी चाहिए।"