Pregnancy After 35: गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. मनन गुप्ता के मुताबिक, उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं की फर्टिलिटी नेचुरली कम होने लगती है। 35 के बाद अंडों (एग्स) की क्वालिटी और संख्या दोनों ही धीरे-धीरे गिरने लगती हैं, जिससे कंसीव करना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, ओव्यूलेशन भी अनियमित होने लगता है, जिससे प्रेग्नेंसी के चांस कम हो जाते हैं। इस उम्र में पीसीओएस, एंडोमेट्रियोसिस, या हार्मोनल इम्बैलेंस जैसी समस्याएं भी ज्यादा देखने को मिलती हैं, जो कंसीव करने में परेशानी पैदा कर सकती हैं।
डॉ. गुप्ता यह भी बताते हैं कि 35 के बाद गर्भधारण करने पर कुछ कॉम्प्लिकेशन का खतरा भी बढ़ जाता है, जैसे मिसकैरेज, हाई बीपी, जेस्टेशनल डायबिटीज और प्रीमैच्योर डिलीवरी। इसलिए, जो महिलाएं इस उम्र में प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं, उन्हें पहले ही हेल्दी लाइफस्टाइल अपनानी चाहिए और किसी एक्सपर्ट से कंसल्ट जरूर करना चाहिए। समय पर मेडिकल गाइडेंस लेने से प्रेग्नेंसी के चांस बेहतर हो सकते हैं और हेल्दी डिलीवरी की संभावना भी बढ़ जाती है।