Menstrual Cup & Kidney Health: मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल आजकल महिलाओं के बीच काफी पॉपुलर हो रहा है क्योंकि यह पैड्स के मुकाबले ज्यादा इको-फ्रेंडली और कम्फर्टेबल ऑप्शन है। लेकिन हाल ही में यह सवाल उठने लगा है कि क्या मेंस्ट्रुअल कप से किडनी पर असर पड़ सकता है? असल में, जब मेंस्ट्रुअल कप को योनि में सही तरीके से इंसर्ट नहीं किया जाता या बहुत ज्यादा टाइट फिट कर लिया जाता है, तो इससे यूरिन पास करने वाली ट्यूब यानी मूत्रमार्ग पर दबाव पड़ सकता है। अगर यह दबाव लंबे समय तक बना रहे, तो यूरिन फ्लो कम हो सकता है, जिससे किडनी पर असर पड़ने की संभावना बनती है। हालांकि, ऐसा बहुत ही रेयर मामलों में होता है और अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह पूरी तरह से सेफ है।
समस्या तब होती है जब मेंस्ट्रुअल कप को गलत तरीके से इंसर्ट कर दिया जाए, बहुत लंबे समय तक (8-10 घंटे से ज्यादा) यूज़ किया जाए या इसकी साफ-सफाई में लापरवाही बरती जाए। अगर कप को बार-बार सही से साफ नहीं किया जाता, तो बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) होने का खतरा बढ़ जाता है और इसका असर किडनी तक भी पहुंच सकता है। इसलिए मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करते समय इसे सही तरीके से इंसर्ट करना, समय पर बदलना और हाइजीन का खास ध्यान रखना बहुत जरूरी है।