By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
वास्तव में प्रेग्नेंसी 9 महीने की होती है। लेकिन अगर किसी महिला को 37वें हफ्ते से पहले ही डिलीवरी करवानी पड़े, तो उसे प्रीमैच्योर डिलीवरी कहते हैं। ऐसे में इन प्रीमैच्योर बच्चों को कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं और उसकी जान को भी खतरा हो सकता है। वहीं अगर आपको भी प्रीमेच्योर डिलीवरी से जुड़ी बातें जाननी हैं तो यह वीडियो आपके लिए है। इस वीडियो में हम आपको बताएंगे की प्रीमेच्योर डिलीवरी क्या होती है, इससे जुड़े लक्षण क्या होते है, और इससे बचाव के तरीके क्या होते हैं तो यह वीडियो आपके लिए है। इस वीडियो में हम आपको बताएंगे प्रीमेच्योर डिलीवरी से जुड़े लक्षण और इसका इलाज।
पेट में कसाव- अगर आपको हर 10 मिनट में या बहुत जल्दी-जल्दी संकुचन महसूस हो रहा है, तो ये प्रीमैच्यो डिलीवरी का संकेत हो सकता है। स्पॉटिंग- लेबर पेन से पहले ब्लीडिंग या खूनी म्यूकस निकल सकता है। पानी की थैली फटन जाना- अचानक से पानी की थैली फट जाना लेबर पेन का साफ संकेत होता है।