West Nile Fever: West Nile Fever से केरल में हुई पहली मौत, कितना खतरनाक है फीवर

Treatment of West Nile Fever: इस बुखार की अभी तक कोई वैक्सीन नहीं बनी है लेकिन वायरस की पुष्टि होने पर इसका इलाज किया जा सकता है। इसके इलाज के लिए आप अपने पास साफ-सफाई का ध्यान रखें।

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Published by: Mini Dewan | Published : June 2, 2022 6:11 PM IST


West Nile fever:  47 साल के एक व्यक्ति की वेस्ट नाइल फीवर से केरल में मौत हो गई। जिसके बाद से इस फीवर को लेकर लोगों में चिंता का माहौल बन गया है। यह फीवर मच्छरों से इंसानों में फैल रहा है। वहीं इस वायरस से केरल में तीन साल बाद किसी की मौत हुई है। 2019 में इसी वायरस से 6 साल के बच्चे की मौत हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस यक्ति में 17 जून से बुखार के साथ-साथ कई और लक्षण भी दिखने को मिल रहें थे। जिसके बाद उसको इलाज के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था लेकिन उसकी मौत हो गई थी। अगर आप भी इस बुखार के लक्षण, इलाज और इससे बचाव के तरीके जानना चाहते हैं तो यह वीडियो आपके लिए हैं।

What is West Nile Fever?

WHO के मुताबिक यह बीमारी सबसे पहले 1937 में सामने आई थी। जिसके बाद 1953 में उत्तरी मिस्र के नाइल डेल्टा में इस वायरस की पहचान पक्षियों में की गई। इस वायरस को 1997 से पहले तक पक्षियों के लिए ज्यादा खतरनाक नहीं माना जाता था लेकिन बाद में पक्षियों में इसके स्ट्रेन मिलने पर इसको खतरनाक घोषित कर दिया गया।

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