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Published by: TheHealthSite.com | Published : July 22, 2023 1:03 PM IST
World Brain Day: ब्रेन ट्यूमर एक ऐसी प्रॉब्लम है, जो काफी खतरनाक है। अक्सर लोग को ब्रेन ट्यूमर से रिलेटेड कई गलत जानकारियां होती हैं, ऐसे में इस गंभीर बीमारी का डर भी बेहद बढ़ जाता है। लेकिन ब्रेन ट्यूमर को लेकर कई ऐसे Myths हैं जिन्हें दूर कर लेना जरूरी है। चलिए जानते हैं इस वीडियों में क्या हैं वो Mythsजिन्हें जान लेना जरूरी है।
Myth No-1 ब्रेन ट्यूमर सिर्फ बुजुर्गों को ही होता है
लोगों में यह गलत धारणा है कि ब्रेन ट्यूमर सिर्फ बुजुर्गों पर ही असर करता है जबकि सच ये है की ब्रेन ट्यूमर एक ऐसी बीमारी है जो सिर्फ बुजुर्गों में ही नहीं बल्कि बच्चों और Adults दोनों में हो सकती है।
Myth No-2 मोबाइल फोन से ब्रेन ट्यूमर का खतरा
ज्यादातर लोगों का मानना है की मोबाइल फोन के इस्तेमाल से ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ता है। लेकिन अब तक ऐसा कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है जिससे यह साबित हो कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल से ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स बताते हैं कि लंबे समय तक फोन से निकलने वाली रेडियशन के कारण हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए, आपको अपने फोन के इस्तेमाल के समय थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए।
Myth No-3 ब्रेन ट्यूमर के हर मरीज में एक जैसे लक्षण होते हैं
कई लोग मानते हैं कि ब्रेन ट्यूमर के हर मरीज के समान यानी कि एक जैसे लक्षण होते है। जबकि सच नहीं है। ट्यूमर के आकार, जगह, स्टेज और ग्रेड के आधार पर हर मरीज के लक्षण अलग हैं। हालांकि, ब्रेन ट्यूमर में सिरदर्द, Nausea, थकान का सामना करना एक आम लक्षण हो सकता है।
Myth No-4 ब्रेन ट्यूमर Genetic होता है
कई लोग मानते हैं कि ब्रेन ट्यूमर जेनेटिक होता है। जबकि सच्चाई उससे अलग है। रिसर्चर्स बताते हैं कि ब्रेन ट्यूमर का कारण जेनेटिक्स नहीं है बल्कि इससे अलग ब्रेन ट्यूमर का कारण आपके आसपास का माहौल या आपकी लाइफस्टाइल हो सकती है।