Salt Consumption: स्वाद के चक्कर में ज्यादा नमक खा रहे हैं भारतीय, Study में हुआ खुलासा

ताजा रिसर्च बताती है कि एक भारतीय पूरे दिन में 8 ग्राम नमक खाता है जाता है। जबकि कायदे से हमें 5 ग्राम नमक खाना चाहिए।  बता दें, 'नेचर पोर्टफोलियो' में छपी एक स्टडी में यह बात निकलकर आई और यह स्टडी नेशनल मॉनिटरिंग सर्वे का हिस्सा है।

Published by TheHealthSite.com |Published : September 28, 2023 1:09 PM IST

Salt Consumption in India: नमक ऐसी चीज है जो इधर-उधर हो जाए तो खाने का स्वाद बिगाड़ देती है। हम भारतीय नमक खाने में कुछ ज्यादा ही आगे हैं। दरअसल ताजा रिसर्च बताती है कि एक भारतीय पूरे दिन में 8 ग्राम नमक खाता है जाता है। जबकि कायदे से हमें 5 ग्राम नमक खाना चाहिए।  बता दें, 'नेचर पोर्टफोलियो' में छपी एक स्टडी में यह बात निकलकर आई और यह स्टडी नेशनल मॉनिटरिंग सर्वे का हिस्सा है।

इसमें रिसर्चर्स ने 3 हजार लोगों में यूरिनरी सोडियम की निगरानी की. इसके अलावा दूसरी चीजों पर भी नजर रखी गई. इसमें ग्लोबल लेवल के फॉर्मूले का इस्तेमाल करके नमक के इस्तेमाल का अनुमान लगाया गया था. स्टडी में ये भी पाया गया कि महिलाओं के मुकाबले पुरुष ज्यादा नमक का सेवन कर रहे हैं. जहां महिलाएं रोजाना 7.9 ग्राम नमक का सेवन कर रही हैं, वहीं पुरुष रोजाना 8.9 ग्राम नमक का सेवन कर रहे हैं

नौकरीपेशा, बेरोजगार कितना नमक खाते हैं

बात करें अगर नौकरीपेशा, तंबाकू सेवन करने वाले, मोटापा से परेशान और बेरोजगारों के नमक के सेवन की तो स्टडी के मुताबिक नौकरीपेशा रोजाना 8.6 ग्राम नमक का सेवन करते हैं. जबकि तंबाकू खाने वाले रोजाना 8.3 ग्राम नमक खाते हैं. जो लोग मोटापे से परेशान हैं, वो 9.2 ग्राम नमक रोजाना सेवन करते हैं. ब्लड प्रेशर के मरीजों के रोजाना 8.5 ग्राम नमक के सेवन की बात सामने आई है. स्टडी में ये भी सामने आया है कि इन लोगों के मुकाबले बेरोजगार कम नमक का सेवन कर रहे हैं

जागरूकता से कम हो सकता है नमक का सेवन

स्‍टडी को लीड करने वाले ICMR-नैशनल सेंटर फॉर डिजीज इंफॉर्मेटिक्स एंड रिसर्च के मुताबिक डेली सोडियम इनटेक में कम से कम 1.2 ग्राम की कमी लाने से उन लोगों के ratio को 50% तक लाने में में मदद मिलेगी जिन्हें एंटीहाइपरटेन्सिव इलाज की जरूरत होती है। Expert के मुताबिक 'सेहत पर बुरे असर के बारे में जागरूकता ज्यादा नमक की consumption को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने फूल लेबलिंग में effective policy intervention और कॉमर्शियल डायटरी substances में सोडियम के level को रेगुलेट करने की जरूरत पर जोर दिया। उम्मीद करते हैं आपको हमारी वीडियो पसंद आई होगी कमेंट कर के जरूर बताएं और हेल्थ से जुड़ी इस तरह की और भी वीडियो के लिए वीजिट करें हेल्थ साइट.कॉम पर

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