Periods Tips: Periods में Pad बदलने को लेकर आप भी रहती हैं कंफ्यूज? जानें सही समय

कई महिलाएं फ्लो के मुताबिक पैड चेंज करती हैं. वहीं कई महिलाएं कई घंटों तक एक ही पैड लगाए रहते हैं. बहुत सारी महिलाएं इस बात को लेकर ही कन्फ्यूज होती हैं कि कब पैड चेंज किया जाए. अगर आप भी उन्हीं में से एक हैं तो आज हम आपको बताएंगे की पैड बदलने का सही वक्त क्या होता है. कितने समय में पैड बदलते रहना चाहिए.

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Published by: TheHealthSite.com | Published : September 26, 2023 3:33 PM IST

Periods Tips: महिलाओं को Periods के दौरान काफी परेशानी उठानी पड़ती हैं.हेवी फ्लो, दर्द, लीकेज जैसी कई समस्या हो जाती है. वहीं इस  दौरान हाइजीन का भी खूब खयाल रखना पड़ता है. जरा सी लापरवाही से आप इन्फेक्शन की चपेट में आ सकती हैं. वक्त- वक्त पर आपको पैड बदलना पड़ता है. कई महिलाएं फ्लो के मुताबिक पैड चेंज करती हैं. वहीं कई महिलाएं कई घंटों तक एक ही पैड लगाए रहते हैं. बहुत सारी महिलाएं इस बात को लेकर ही कन्फ्यूज होती हैं कि कब पैड चेंज किया जाए. अगर आप भी उन्हीं में से एक हैं तो आज हम आपको बताएंगे की पैड बदलने का सही वक्त क्या होता है. कितने समय में पैड बदलते रहना चाहिए.

पैड बदले का सही समय

एक्सपर्ट की मानें तो पीरियड्स के दौरान हाइजीन का ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है. वरना इससे इंफेक्शन का खतरा बना रहता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि हर 4 से 6 घंटे के बीच पैड चेंज करना जरूरी है. देर तक जमा हुआ ब्लड स्किन को इरिटेट कर सकता है. लंबे वक्त तक पुराने पैड का इस्तेमाल फंगल और बैक्टीरियल इनफेक्शन का भी कारण बन सकता है.इसलिए अपने पैड को पूरी तरह से फुल होने से पहले ही बदल लें.

पैड ना बदलने पर ये समस्या

लंबे वक्त तक पैड बदलने से वजाइना में इचिंग, जलन, रैशेज, त्वचा के छीलने जैसी समस्याएं हो सकती है. वहीं यूटीआई का जोखिम भी बढ़ सकता है.एक्सपर्ट के मुताबिक कई मामलों में लंबे समय तक पैड बदलना सर्वाइकल कैंसर का कारण भी बन सकता है.

ये तरीका चुनना है गलत

पीरियड्स के दिनों में जब ब्लीडिंग ज्यादा होती है तब बहुत सारी महिलाएं एक साथ दो सैनिटरी नैपकिन पैड और कपड़े का टुकड़ा इस्तेमाल करती हैं. हालांकि यह तरीका हेवी ब्लीडिंग से बचने में मददगार साबित हो सकता है. लेकिन यह एक हेल्दी ऑप्शन नहीं है. सैनिटेशन का जो तरीका इस्तेमाल करने की वजह से इस बात की संभावना कम हो जाएगी कि बार-बार पैड बदलें. इस वजह से वजाइनल इन्फेक्शन और रैशेज होने का खतरा बढ़ जाता है.