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Published by: TheHealthSite.com | Published : September 12, 2023 10:42 PM IST
Nipah Virus Symptoms: बीते कुछ समय से कोरोना के मामलों में कमी के चलते लोगों ने राहत की सांस ली ही थी कि अब एक और वायरस ने सभी की चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, हाल ही में केरल में निपाह वायरस को लेकर अलर्ट जारी हुआ है। यहां दो अननचुरल डेथ के बाद ऐसा माना जा रहा है कि इसकी वजह निपाह वायरस ही है, जिसके बाद से ही राज्य में हड़कंप मच गया है। राज्य में इसे लेकर अलर्ट जारी है। हालांकि, इसे लेकर लोगों की चिंता भी काफी बढ़ गई है। तो आज के इस वीडियो में जानते हैं इस वायरस के बारे में जो आपके लिए जानना जरूरी हैं।
निपाह वायरस क्या है?
निपाह वायरस, एक जानलेवा वायरस है, जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। यही वजह है कि इसे जूनोटिक वायरस भी कहा जाता है। यह ज्यादातर फ्रूट बेट्स से फैलता है, जिसे उड़ने वाली लोमड़ी के नाम से भी जाता है। हालांकि, चमगादड़ के अलावा यह वायरस सूअर, बकरी, घोड़े, कुत्ते या बिल्लियों जैसे अन्य जानवरों के जरिए भी फैल सकता है। यह वायरस आमतौर पर किसी संक्रमित जानवर के शारीरिक Liquid substance के संपर्क में आने से भी फैलता है।
क्या हैं निपाह वायरस के लक्षण?
आमतौर पर इस वायरस के संपर्क में आने के 4 से 14 दिनों के अंदर लक्षण नजर आने शुरू हो जाते हैं। शुरुआत में पहले बुखार या सिरदर्द और बाद में खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं होती हैं। गंभीर मामलों में, यह वायरस दिमाग में संक्रमण की वजह बन सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। इसके गंभीर मामलों में कुछ इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं-
कन्फ्यूजन
बोलने में परेशानी
दौरे पड़ना
बेहोश होना
निपाह वायरस का इलाज क्या है?
अभी के लिए निपाह का इलाज सिर्फ और सिर्फ सावधानी ही है.अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, तो इस वायरस की चपेट में आने से बचा जा सकता है. चमगादड़ और सूअर के संपर्क में आने से बचें, जमीन या फिर सीधे पेड़ से गिरे फल ना खाएं, मास्क लगाकर रखें और समय-समय पर हाथ धोते रहें. वहीं अगर कोई भी लक्षण दिखाई पड़े तो सीधे डॉक्टर से संपर्क साधें
कितना खतरनाक है निपाह वायरस?
निपाह वायरस को कम संक्रामक लेकिन ज्यादा घातक माना जाता है. इसका मतलब हुआ कि इससे संक्रमित तो कम लोग हो सकते हैं, लेकिन मृत्यु दर ज्यादा होती है. केरल में जब एक बार निपाह वायरस फैला था तो इसकी मृत्यु दर 45 से 70 फीसदी तक थी.
इतना ही नहीं, अगर किसी शख्स की निपाह वायरस से मौत हुई है तो उस परिवार के दूसरे सदस्य भी इससे संक्रमित हो सकते हैं. ऐसे में सावधानियां बरतें और लक्षण दिखने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें