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Nipah Virus Symptoms: केरल में निपाह वायरस का बढ़ता संक्रमण स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है। बताया जा रहा है की अब तक यहां 6 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है, एक हजार से ज्यादा संपर्क में आए लोगों की स्थिति पर गंभीरता से नजर रखी जा रही है।
वहीं निपाह वायरस के संक्रमण के कारण मृत्युदर 40-70 फीसदी के बीच देखा जा रहा है, जिसके कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता और भी बढ़ गई है। इस वायरल संक्रमण को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं। क्या यह कोरोना जितना ही खतरनाक है? क्या ये भी कोविड की तरह एक व्यक्ति से दूसरे में तेजी से फैलता है? और किन लोगों में इस रोग का खतरा ज्यादा? अधिक हो सकता है, तो आइए जानते हैं इसके बारे में
संक्रमित व्यक्ति से दूसरों में संक्रमण का खतरा
बता दें, इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, निपाह का संक्रमण भी कोरोना की ही तरह से एक से दूसरे में तेजी से हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति के शरीर के discharge जैसे Urine, Blood या छींक से निकली बूंदों के सीधे संपर्क में आने से सामने वालों में इसका खतरा हो सकता है। यही कारण है इन दिनों केरल में देखे जा रहे ज्यादातर संक्रमित स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारी हैं।
किन लोगों में इस संक्रमण के खतरा?
वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, निपाह का संक्रमण किसी को भी हो सकता है, हालांकि इसमें भी शरीर के immunity का काफी बड़ा रोल होता है। जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है उनमें संक्रामक रोगों का खतरा अधिक हो सकता है। संक्रमित चमगादड़-सुअरों के संपर्क में आए फलों के खाने से भी इसका संक्रमण हो सकता है। अध्ययनों में पाया गया है कि चमगादड़ के मल से दूषित फलों के सेवन के कारण भी इस रोग का खतरा हो सकता है।