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Published by: Yogita Yadav | Published : July 8, 2019 5:13 PM IST
जड़ी-बूटियों में अपना प्रमुख स्थान रखने वाली सौंफ के पौधे के सभी भाग उपयोगी हैं । सौंफ का वैज्ञानिक नाम फोएनिकुलम वल्गार मिलर (Foeniculum Vulgare Miller) है सौंफ का पौधा लगभग 4-5 फीट तक लंबा हो सकता है सौंफ का उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं के साथ-साथ भोजन को स्वादिष्ट बनाने के लिए मसाले के रूप में भी किया जाता है।
भोजन के बाद अकसर सौंफ का सेवन किया जाता है। इसमें कॉपर, पोटेशियम, कैल्शियम, जिंक, मैंगनीज, विटामिन सी, आयरन, सेलेनियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों की अच्छी मात्रा होती है। जो कि मुंह को साफ रखने से कहीं अधिक आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं। इनके अलावा भी सौंफ में फाइबर, फॉस्फोरस, फोलेट, पेंटोथेनिक एसिड (pantothenic acid), आयरन और नियासिन आदि भी मौजूद रहते हैं।
यदि आप मोटापे (Obesity) के शिकार हैं, और अपना वजन कम करना चाहते हैं तो सौंफ का नियमित सेवन शुरु कर दें। क्योंकि सौंफ में वसा को कम करने वाले औषधीय गुण होते हैं जो आपके शरीर में मौजूद अतिरिक्त वसा को कम करने में सहायक होते हैं।
यदि आपको पाचन से संबंधित समस्याएं जैसे दस्त, पेट फूलना आदि हैं तो आपको सौंफ का उपयोग करना चाहिए। सौंफ में मौजूद फाइबर और अन्य पोषक तत्व आपके पाचन तंत्र को मजबूत कर पाचन प्रकिया को आसान बनाते हैं।
यदि आप नींद की समस्या (Insomnia) से परेशान हैं, तो सौंफ आपके लिए किसी आयुर्वेदिक दवा से कम नहीं है। नियमित रूप से सौंफ की चाय का सेवन करने से यह आपकी नींद की गुणवत्ता (Quality of sleep) को सुधारने में मदद करती है।
अध्ययनों से पता चलता है कि सौंफ के बीजों में नाइट्राइट (Nitrite) सामग्री होती है जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। इसके अलावा सौंफ के बीजों में पोटेशियम भी अच्छी मात्रा में होते हैं जो रक्तचाप (blood pressure) को नियंत्रित करने में मदद करता है।
इन बीजों में फाइबर और आवश्यक तेलों की अच्छी मात्रा होती है। जो हमारे शरीर से विषाक्तता को दूर करने में सहायक होती है। ऐसा माना जाता इन गुणों के कारण सौंफ हमारे रक्त में मौजूद विषाक्त पदार्थों को दूर कर सकता है और हमारे रक्त को शुद्ध कर सकता है।
स्वाद में थोड़ी मीठी और अच्छी सुगंध सौंफ में होती है। सौंफ मसाले का एक रूप है जिसे भोजन पकाने के दौरान भोजन को स्वादिष्ट बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। लेकिन आप आप इसकी चाय बनाकर भी उपयोग कर सकते हैं। यह भारतीय समाज की परंपरा है कि भोजन के बाद सौंफ की थोड़ी सी मात्रा का सेवन जरूर किया जाता है। लेकिन यदि आपको अजवाइन या गाजर आदि की एलर्जी है तो आपको सौंफ का सेवन करने से बचना चाहिए।