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मिर्गी एक ऐसी बीमारी है जिसके साथ हमारे देश में कई प्रकार की भ्रांतियां भी जुड़ी हुई हैं। मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर यानि दिमागी बीमारी है। आंकड़ों के आधार पर यह देखा गया है कि पुरूषों की तुलना में महिलाएं इसकी चपेट में अधिक आती हैं। प्रति वर्ष 26 मार्च को ‘पर्पल डे’ मनाया जाता है, जिसका मकसद इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाना है।
साल 2008 में पहली बार ‘पर्पल डे’ का आयोजन किया गया था और तब से यह ‘पर्पल डे एपिलेप्सी कैम्पेन’ (Purple Day Epilepsy campaign) के नाम से जाना जाता है। यह दुखद है कि मिर्गी की बीमारी से पीड़ित महिलाओं के साथ दुनियाभर में सामाजिक स्तर पर भेदभाव किया जाता है। कई बार इन महिलाओं के लिए परिवार, समाज और अपनों से मिला तिरस्कार बीमारी से होने वाली परेशानियों से भी अधिक तकलीफदायक साबित होता है। मिर्गी से जुड़ी सामाजिक धारणाओं के अलावा इस बीमारी के कारण, लक्षण और उपचार के बारे में विस्तार से चर्चा की गयी इस वीडियो में, देखें आप भी-