पीरियड्स की समस्याओं को दूर करे योग की अग्निसार क्रिया

पीरियड्स की समस्याओं को दूर करे योग की अग्निसार क्रिया

पीरियड्स के अलावा, पेट की अन्य समस्या का भी है समाधान करता है ये आसन।

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Published by: Shabnam Khan | Published : August 24, 2015 3:39 PM IST

हर महिला को कभी न कभी पीरियड्स से जुड़ी कोई समस्या होती ही है। ऐसे में वो या तो गायनाकॉलोजिस्ट के पास जाती हैं या फिर उस समस्या को झेलती रहती है। लेकिन, योग का एक आसन ऐसा है जिसका यदि नियमित रूप से अभ्यास किया जाए तो आप इन समस्याओं से बची रहेंगी। अग्निसार क्रिया पीरियड्स की समस्याओं से सुरक्षा देने के साथ-साथ, हमारी पाचन ‍प्रक्रिया को गति‍शील कर उसे मजबूत बनाती है। शरीर के सभी तरह के रोगाणुओं को भस्म कर शरीर को स्वस्थ करती है। तो आइये जानते हैं इस क्रिया को करने का तरीका।

विधि

  • वज्रासन यानी घुटने मोड़कर बैठ जाएं। दोनों हाथेलियों को घुटनों पर रखें।
  • पूरी श्वास को बाहर निकालकर लोहार की धौंकनी के समान पेट को चलाएं। यानी पेट को अंदर बाहर करें। इसे कहते हैं, अग्निसार क्रिया।
  • जब एक सांस में आप 30-40 बार पेट को अंदर बाहर करते हैं तो श्वास को बाहर करके पेट को अंदर खींचिये। अधिकतम अंदर खींचने का अभ्यास करें। पेट को छोड़कर श्वास को सामान्य कर दें।
  • एक श्वास में कम से कम 25-20 बार पेट अंदर बाहर करें।
  • ऐसे नियमिट 10-12 राउंड करें।

सावधानी – दिल के रोगी इस आसन का अभ्यास बहुत धीमे करें। इस आसन का प्रयोग भरे पेट न करें, उल्टी हो सकती है या फिर लीवर को नुकसान पहुंच सकता है।

विडियो स्रोत: Yog Sadhna in Hindi/ YouTube

चित्र स्रोत: Shutterstock 


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