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Published by: Shabnam Khan | Updated : January 4, 2017 6:21 PM IST
बच्चों का यौन शोषण यानी चाइल्ड अब्यूज दिनों दिन एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। ऐसे में आपका बच्चा मुश्किल में आ सकता है। अगर आप अपने बच्चे को ऐसी किसी भी अनहोनी से बचाना चाहते हैं तो जरूरी है कि आप अपने बच्चे की ओर ध्यान दें।
नज़दीकी ही बनाते हैं बच्चों को शिकार
बच्चों के कल्याण के लिए काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था यूनीसेफ की पिछले साल आई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 50 प्रतिशत से भी अधिक बच्चे किसी न किसी रूप में यौन उत्पीड़न का शिकार होते हैं। ज्यादातर मामलों में बच्चों के साथ ऐसी हरकत करने वाले लोग उनके परिचित या परिवार के भरोसेमंद लोग होते हैं। ऐसे में बच्चों को सुरक्षित रखना पैरेंट्स की जिम्मेदारी है।
इशारों को समझें
बच्चे बहुत मासूम होते हैं। वो अपने साथ हो रहे यौन दुर्व्यवहार को सीधे-सीधे ज़ाहिर नहीं कर पाते। बच्चों के नाज़ुक मन पर इस अपराध का बहुत बुरा असर पड़ता है। जिसकी वजह से उनके बर्ताव में फर्क आ जाता है। माता-पिता को अपने बच्चों की छोटी से छोटी चीज़ों पर ध्यान रखना चाहिए। हो सकता है वो खाना पीना बंद कर दे, या फिर अजनबियों को देखकर दहशत में आ जाए। जिन बच्चों को ड्राइंग का शौक होता है वो अपने साथ हुए अपराध से जुड़ी तस्वीरें भी बना सकते हैं। कुछ बच्चे अपने भाई-बहनों से अजीब बातें भी करने लगते हैं। माता-पिता को बच्चे के व्यवहार में आए इस बदलाव को एक इशारा समझना चाहिए कि आपका बच्चा आपसे कुछ कहना चाह रहा है लेकिन वो कह नहीं पा रहा।
बच्चों को शिक्षित करें
पैरेंट्स बच्चों को उनकी सुरक्षा, उनके अधिकारों और किस तरह से वह अपने आपको सुरक्षित रख सकते हैं, इस बारे में शिक्षित करें। जिस समय पैरेंट्स बच्चों के साथ नहीं होते हैं, उस समय इस सुरक्षा की अधिक आवश्यकता होती है। इसके लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा।
बच्चे को प्रोत्साहित करें कि वह बताए कि उसके साथ स्कूल और अन्य जगहों पर क्या हो रहा है। अगर बच्चा खुशी-खुशी लौटता है, तो भी हमेशा जानकारी रखना अच्छी बात है कि वह किन लोगों के साथ था और उसके साथ कैसा व्यवहार किया गया।बच्चे को पर्सनल स्पेस के महत्व के बारे में समझाया जाए और यह भी कि उसे किस तरह और किस जगह स्पर्श न किया जाए। खतरे के संकेतों को पहचानना बताएं। दुर्व्यवहारी पहले अपने शिकार पर गहरी नजर रखता है, उसके विश्वास को हासिल करता है और उसके बाद हमला करता है। इसलिए जरूरी है कि बच्चा खतरे के संकेतों को पहले से ही भांप ले।
यह बहुत जरूरी है कि हम बच्चों को हर तरह के शोषण से बचने के तरीके बताएं, जिससे बच्चा सुरक्षित रहे। साथ ही अगर बच्चा चाइल्ड एब्यूज का शिकार हो जाता है, तो उसे यह बताएं कि उसकी कोई गलती नहीं है। उसने कुछ भी गलत नहीं किया है। बच्चे को इस स्थिति से बाहर निकालने के लिए उसे पूरा सपोर्ट और प्यार दें। इससे बच्चा खुद को सुरक्षित महसूस करेगा। साथ ही चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट की मदद भी ले सकते हैं।
चित्र स्रोत - Getty Images
वीडियो स्रोत - Full Stop/Youtube
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