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Microplastics in Human Body: वैज्ञानिकों को ब्रेस्ट मिल्क में माइक्रो प्लास्टिक के छोटे-छोटे कण मिले हैं। इन्हें इम्प्लीस कहा जा रहा है। दरअसल यह प्लास्टिक के बहुत छोटे कण हैं जो की 0.2 इंच से भी छोटे होते हैं। वैज्ञानिको के मुताबिक यह हमारे कास्मेटिक, कपड़ों, फ़ूड पैकेजिंग और इंडस्ट्रियल प्रोसेस से हमारे इकोसिस्टम में आते हैं। जो महिलाएं प्रेग्नेंट होते हुए भी सी-फ़ूड का सेवन ज़्यादा करती हैं या प्रोसेसेस्ड फ़ूड का सेवन करती हैं उनमें इसके लक्षण आ सकते हैं। शोधकर्ताओं ने इन्हें दूध पीने से भी माना किया हैं। फिलहाल यह पक्का नहीं हुआ है की इससे बच्चे को क्या नुक्सान हो सकता है। शोधकर्ताओं ने यह भी कहा की बच्चों को दूध पिलाना जरुरी नहीं अगर वह दूध ज़्यादा पीते हैं तो उनमे प्लास्टिक जाने का खतरा ज़्यादा होता हैं। वहीं इस वीडियो में पाएं इस खबर की पूरी जानकारी।
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