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Low Lying Placenta कब तक ऊपर चला जाता है? जानें किस महीने तक ठीक हो जाता है

Low Lying Placenta (लो-लाइंग प्लेसेंटा) प्रेग्नेंसी की एक ऐसी स्थिति है जिसमें प्लेसेंटा (नाल) गर्भाशय के निचले हिस्से में जुड़ जाता है और कभी-कभी सर्विक्स (बच्चेदानी का मुंह) के करीब या उसे आंशिक रूप से ढक सकता है। इस वीडियो में हम जानेंगे कि Low Lying Placenta क्यों होता है?

Published by Ashu Kumar Das
Published : July 20, 2026 9:41 AM IST

प्रेगनेंसी की रिपोर्ट में जब "Low Lying Placenta" लिखा आता है, तो हर मां का दिल एक पल के लिए रुक जाता है। क्या डिलीवरी नॉर्मल होगी? क्या ब्लीडिंग होगी? घबराइए मत। ये उतना खतरनाक नहीं है जितना सुनने में लगता है।पहले समझते हैं Low Lying Placenta है क्या?  प्रेगनेंसी में प्लेसेंटा यानी "बच्चे की जान" गर्भाशय की दीवार से जुड़ी होती है। जब ये प्लेसेंटा गर्भाशय के बहुत नीचे बन जाती है और सर्विक्स यानी बच्चेदानी के मुंह के पास आ जाती है, तो इसे Low Lying Placenta कहते हैं। तो ये ऊपर कब तक जाता है? यही सबसे बड़ा सवाल है। सीनियर फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. ईला गुप्ता बताती हैं, "घबराने की जरूरत नहीं है। जैसे-जैसे गर्भाशय बढ़ता है, प्लेसेंटा भी ऊपर की तरफ 'माइग्रेट' करता है। इसे Placental Migration कहते हैं।"

  1. आमतौर पर 20वें हफ्ते तक की अल्ट्रासाउंड में अगर Low Lying दिखे तो 90% केस में ये अपने आप ठीक हो जाता है।
  2. 28वें हफ्ते तक गर्भाशय काफी ऊपर आ चुका होता है और प्लेसेंटा भी खिसक जाती है।
  3. 32 से 34वें हफ्ते तक अगर प्लेसेंटा सर्विक्स से 2 cm से ज्यादा दूर हो जाए, तो इसे नॉर्मल माना जाता है।
  4. डॉक्टर 18-20 हफ्ते और फिर 32 हफ्ते पर दोबारा अल्ट्रासाउंड करवाकर चेक करते हैं।

कब चिंता करनी है?

डॉ. ईला गुप्ता बताती हैं कि अगर प्रेग्नेंसी 34 से 36 हफ्ते के बाद भी प्लेसेंटा सर्विक्स को कवर कर रहा है, तो इसे Placenta Previa कहते हैं। तब नॉर्मल डिलीवरी रिस्की हो सकती है और C-Section की सलाह दी जाती है। साथ ही भारी ब्लीडिंग, पेट दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

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